
Koderma: सेवानिवृत्ति के दिन ही एक सरकारी कर्मी की इलाज के दौरान मौत हो गयी. मृतक झुमरीतिलैया शहर में स्थित ओम हॉस्पिटल में भर्ती था. घटना के बाद मृतक के परिजनों ने जमकर हंगामा किया. परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि मरीज की मौत होने के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा था.
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जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूडी में कार्यरत रामानुज सिंह की तबीयत अचानक खराब हो गयी. उन्हें शुक्रवार की सुबह झुमरीतिलैया शहर स्थित ओम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. जहां ऑक्सीजन लगाया गया पर इसके बाद उनकी मौत हो गई.
ओम हॉस्पिटल को जिला प्रशासन ने कोविड अस्पताल बनाया हैः
ओम हॉस्पिटल को जिला प्रशासन ने कोविड अस्पताल बनाया है. इधर, घटना के बाद परिजनों ने बताया कि हंगामे के बाद उपस्थित डॉ अजय कुमार सेठ ने सादे कागज पर मृत्यु के कारण को लिख दिया. परिजनों का आरोप था कि सादे कागज पर मृत्यु की वजह तो लिख दिया पर उसपर मुहर भी नहीं लगाया.
वहीं, मृत्यु शुक्रवार 30 अप्रैल को हुआ पर प्रमाण पत्र पर 29 अप्रैल लिखा हुआ है. परिजनों द्वारा हो हंगामे के बाद डॉ अजय कुमार सेठ ओम हॉस्पिटल के लेटरपेड पर मृत्यु के कारण को लिख कर दिया.
मृतक रामानुज सिंह आज ही यानि 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने वाले थे. रामानुज सिंह जिला अराजपत्रित कर्मचारी संघ के सचिव भी थे. उनके निधन पर कर्मचारी संगठन से जुड़े लोगों ने गहरा शोक जताया है.
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