
Ranchi: जिले में शहरी उपभोक्ताओं को स्मार्ट प्री पेड मीटर का लाभ एक महीने बाद मिलने लगेगा. फिलहाल चयनित एजेंसी ने रांची जिला में सर्वे का काम शुरू कर दिया है. झारखंड बिजली वितरण निगम ने काम जीनस एजेंसी को दिया है. सर्वे के लिये निगम ने एजेंसी को लेटर ऑफ इंटरेस्ट दे दिया है. निगम की चयनित एजेंसी ने एक सप्ताह पहले ही सर्वे काम शुरू किया है. निगम की मानें तो एक महीने तक सर्वे काम किया जायेगा. जिसके बाद उपभोक्ताओं की नेटवर्क कनेक्टिविटी ध्यान में रखते हुए स्मार्ट मीटर लगाये जाएंगे. ऐसे में फरवरी महीने से रांची शहरी क्षेत्र में तीन लाख 50 हजार मीटर लगाने का लक्ष्य है. सर्वे के दौरान मुख्य रूप से नेटवर्क कनेक्टिविटी देखी जायेगी.
रिप्लेस होगा मीटर: स्मार्ट प्री पेड मीटर लगाने के साथ ही पुराने मीटर का रिप्लेस किया जायेगा. इसके लिये उपभोक्ताओं को निगम को कोई भुगतान नहीं करना है. चयनित एजेंसी उपभोक्ताओं के पुराने मीटर को निगम को सौंप देगी. जिसे जांच कर, चालू स्थिति में होने पर ग्रामीण फिक्सड चार्जेस वाले उपभोक्ताओं को दिया जायेगा. ऐसे में निगम बगैर मीटर कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं की संख्या में कमी लायी जाएगी.
प्रीपेड होगा मीटर: स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही व्यवस्था प्री पेड हो जायेगी. उपभोक्ताओं को पहले मीटर रिचार्ज करना होगा, उसके बाद वे बिजली जला सकते है. सरल शब्दों में कहें तो, पहले बिल देना होगा, जितना बिल दिया जायेगा उतने की बिजली ही उपभोक्ताआ उपभोग कर सकते हैं. इस व्यवस्था से न तो बिजली की चोरी होगी, और न ही मीटर से छेड़छाड़ की जा सकेगी.
2017 से है स्मार्ट मीटर की योजना: राज्य में स्मार्ट मीटर का सपना लगभग पांच साल बाद पूरा होगा. साल 2017 से जेबीवीएनएल राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर काम कर रही है. साल 2018 में निकाला टेंडर निगम ने साल 2019 में रद्द दिया. जिसके बाद निगम ने फिर से साल 2020 में टेंडर निकाला. जिसे अब फाइनल किया गया. हालांकि रांची के साथ जेबीवीएनएल धनबाद और जमशेदपुर में भी स्मार्ट लगाने की योजना पर कार्यरत है.




