
Ranchi : बस 6 माह और. इसी साल अक्टूबर तक देश का सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम राउरकेला, ओडिशा में बनकर तैयार होने की उम्मीद है. वैसे दावा यह भी है कि यह देश ही नहीं, दुनिया का सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम बन रहा है. 2023 के हॉकी विश्व कप की मेजबानी ओडिशा को ही मिली है. वहां भुवनेश्वर और राउरकेला में इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के सारे मैच खेले जायेंगे.
भुवनेश्वर में कलिंग हॉकी स्टेडियम है. इसमें 15 हजार दर्शक एक साथ बैठ सकते हैं. पर राउरकेला में बनने वाले स्टेडियम में 20 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी. दुनियाभर की निगाहें अभी इस स्टेडियम पर लगी हैं. झारखंड के लिहाज से भी इसमें गौरवान्वित करने वाली बात यह है कि इसका नामकरण यहां के महानायक धरती आबा वीर बिरसा मुंडा के नाम पर हुआ है. इस नाते से झारखंड के लोगों, यहां के जनजाति समाज का भी इस स्टेडियम को लेकर खूब उत्सुकता देखते बन रही है.
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सुंदरगढ़ में ही स्टेडियम क्यों
सुंदरगढ़ जिला हॉकी के लिए विख्यात रहा है. इस शहर से विशेष रूप से दिलीप तिर्की, लाजर बारला सहित कई अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सामने आ चुके हैं. राउरकेला का यह स्टेडियम सुंदरगढ़ जिले के लिए शान माना जाएगा. भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम की तरह, बिरसा मुंडा अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम इस जगह के हॉकी के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देगा. इससे हॉकी चैंपियन बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा. बहुत कम उम्र से ही हॉकी खिलाड़ियों को तैयार करने में इससे मदद मिलने की उम्मीद है.
राउरकेला के बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के परिसर में 20 एकड़ भूमि में फैले इस स्टेडियम की नींव फरवरी 2021 में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रखी थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि हॉकी की भावना सुंदरगढ़ जिले की मिट्टी, हवा और पानी में है. अब इसने विश्व मानचित्र पर खुद को स्थापित कर लिया है. 2023 में होने वाले पुरुष हॉकी विश्व कप के मैचों की मेजबानी के लिए राउरकेला को चुना जाना गर्व की बात है. इसके बाद से कोविड संक्रमण की चुनौती, चक्रवात और भीषण गर्मी की परेशानियों के बावजूद काम पूरी गति से चल रहा है. विख्यात कंपनी Larsen Toubro इसे तैयार करने में लगी है. आशा है कि यह अगले कुछ माह में इसी साल बनकर तैयार हो जायेगा.
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अक्टूबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य
स्टेडियम निर्माण को लेकर राज्य सरकार के एक अधिकारी ने पिछले दिनों कहा था कि बिरसा मुंडा स्टेडियम का निर्माण कार्य अभी भी जारी है. इसे इस साल अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद एफआईएच (अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ) के अधिकारी यहां निरीक्षण के लिए आएंगे. फिर विश्व कप से पहले इसे मंजूरी देने के लिए एक परीक्षण कार्यक्रम होगा. स्वतंत्रता सेनानी ‘बिरसा मुंडा’ के नाम पर रखा गया यह स्टेडियम सभी आधुनिक सुविधाओं के साथ हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए तैयार किया जा रहा है.
स्टेडियम में वर्ल्ड क्लास सुविधाएं
जानकारी के मुताबिक बिरसा मुंडा स्टेडियम के निर्माण पर 200 करोड़ रुपये की लागत आनी है. स्टेडियम में अत्याधुनिक सुविधाओं के अलावा चेंजिंग रूम, एक फिटनेस सेंटर और एक हाइड्रो-थेरेपी पूल के साथ अभ्यास मैदान भी होगा. इसमें एक अलग आवास सुविधा होगी. इस पर 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत आनी है. इस पर भी काम जारी है.
यह सुविधा मैच के दौरान खिलाड़ियों, कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए होगी. स्टेडियम में दर्शकों के लिये बनने वाली हर सीट की बनावट ऐसी है कि दर्शक दुनिया के किसी भी स्टेडियम के मुकाबले पिच के ज्यादा करीब होंगे. यानी मैच देखने का रोमांच किसी भी स्टेडियम से ज्यादा होगा. स्टेडियम को तकनीकी और ऑपेशनल रूप से वर्ल्ड कप के लिए तैयार किया जा रहा है ताकि दर्शकों और खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी. इसके साथ ही यह राउरकेला की हवाई पट्टी के भी करीब है. यहां से जल्द ही कॉमर्शियल उड़ानें भी शुरू होनी है.
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हॉकी की समृद्ध होगी विरासत
हॉकी झारखंड और ओडिशा के प्रमुख भोला नाथ सिंह के मुताबिक राउरकेला स्टेडियम देश ही नहीं, दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम होगा. राउरकेला में विश्व कप के आयोजन से देश के राष्ट्रीय खेल को एक नयी ऊर्जा मिलेगी. झारखंड सहित देश भर के हॉकी खिलाड़ी इससे प्रेरित होंगे. हॉकी की विरासत और समृद्ध होगी.




