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लग्जरी गाड़ी का नंबर प्लेट बदलकर व पार्टी का झंडा लगा करते हैं गांजा तस्करी

Dhanbad : जीटी रोड के जरिये गांजा तस्करी करनेवाले गिरोह के सदस्य पुलिस को दिगभ्रमित करने के लिए न सिर्फ लग्जरी वाहन का इस्तेमाल करते हैं बल्कि उसमें अलग-अलग राज्यों के नंबर प्लेट भी रखते हैं ताकि राज्य में प्रवेश करते ही वहां के नंबर का प्रयोग किया जा सके.

इसका खुलासा शुक्रवार को राजगंज पुलिस द्वारा जब्त की गयी काले रंग की सफारी गाड़ी से हुआ. यह भी खुलासा हुआ कि तस्करों का जाल ओडिशा से यूपी तक फैला हुआ है.

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सफारी में लगा था भाजपा का झंडा

शनिवार को राजगंज थाना में डीएसपी मनोज कुमार ने मीडिया को बताया कि सफारी में 68 किलोग्राम गांजा मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3.5 लाख रुपये है. सफारी में भाजपा का झंडा लगा हुआ था.

वाहन में लगा नंबर प्लेट यूपी के अंकित सिंह के नाम से है जबकि अंदर गांजा के साथ मिला नंबर प्लेट ओडिशा के चक्रधर साहू के नाम से है. फिलहाल चालक समेत चार तस्करों के खिलाफ कांड अंकित किया गया है. पुलिस वाहन के असली मालिक का पता लगा रही है ताकि तस्करी में शामिल लोगों तक पहुंचा जा सके.

डीएसपी मनोज कुमार ने कहा कि गुप्त सूचना मिली थी जिसके आधार पर राजगंज से पीछा करते हुए तोपचांची के सीमाटांड़ पहाडी के समीप गोरगोरो गांव से सफारी जब्त की गयी थी. राजगंज थाना में वाहन की तलाशी ली गयी तो उसमें गांजे के पैकेट और नंबर प्लेट मिले. छापेमारी में इंस्पेक्टर सुनील कुमार, थानेदार गंगासागर ओझा सहित जवान शामिल थे.

सौदा नहीं पटने पर धंधेबाज ही देते हैं पुलिस को सूचना

गांजा तस्करों का लोकल लिंक गोबिंदपुर, कतरास व धनबाद में है. इसका संबंध अंतरप्रांतीय गांजा तस्करों से है. इन्हें पता रहता है कि गांजा कहां से, कितनी मात्रा में और किस वाहन से लाया जा रहा है.

सौदा पटने के बाद गांजा जीटी रोड के बगल में उतार लिया जाता है. अगर सौदा तय नहीं हुआ तो कारोबारी ही किसी माध्यम से पुलिस को सूचना उपलब्ध कराते हैं.

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फिल्मी स्टाइल में पकड़ी गयी गाड़ी, तस्कर फरार 

शुक्रवार को गांजा तस्करी की गुप्त सूचना मिलने पर दोपहर एक बजे थानेदार गंगा सागर ओझा पुलिस बल लेकर राजगंज के जीटी रोड स्थित युवा समर्पण चौक पहुंचे. सूचना देने वाले ने पुलिस को सफारी का रंग भी बताया था.

पुलिस ने बीच सड़क पर ऑटो लगाकर सड़क को अवरुद्ध करते हुए सफारी को रोक लिया. वाहन की पहचान होने के बाद शीशा खुलवाया, जिसमें चालक सहित चार लोग सवार थे. थानेदार ने सफारी को थाना ले जाने को कहा.

सड़क से ऑटो के हटते ही चालक सफारी को काफी तेज गति से चलाकर तोपचांची की ओर फरार हो गया. पुलिस ने कुछ दूर तक वाहन का पीछा किया, लेकिन सफारी नजरों से ओझल हो गया.

इसकी सूचना तोपचांची पुलिस को दी गयी. अब तोपचांची पुलिस सड़क पर आ गयी. पुलिस को देखकर गांजा तस्करों ने वाहन को पुन: मोड़ लिया और लोकबाद के रास्ते उग्रवाद प्रभावित गांव गोरगोरो ले गया. वहां रास्ता खत्म होता देख तस्कर सीमाटांड़ बड़ा पहाड़ के पास गोरगोरो में वाहन को लॉक करके वही छोड़कर पहाड़ चढ़ कर भाग गये.

इधर, तोपचांची से राजगंज तक पुलिस वाहन को खोजती रही. राजगंज में पुन: सड़क में कुछ देर वाहनों को रोककर सफारी की तलाश की गयी. पुलिस जीटी रोड से सटे ग्रामीण रास्ते में सफारी को तलाशती रही. जीटी रोड के लिंक वाले रास्ते से लोगों से सफारी के बारे में पूछा गया.

कांडेडीह में लोगों ने पुलिस को सफारी के बारे में बताया. पुलिस गोरगोरो पहुंची तो वहां एक सुनसान जगह में सफारी खड़ी मिली. रात आठ बजे पुलिस क्रेन के सहारे वाहन को राजगंज थाना लेकर आयी. तलाशी के दौरान सफारी के पीछे पैकेटों में गांजा मिला.

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