
Ranchi :आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो और सहायक बिशप थियोडोर मास्करेहंस ने कहा है कि राज्य सरकार में एक ईसाई मंत्री भी होना चाहिए. उन्होंने कहा कि वो हमारी समस्याओं और भावनाओं को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ सकता है. आर्चबिशप मंगलवार को पुरूलिया रोड स्थित आर्चबिशप हाउस में मीडिया से बात कर रहे थे.
उन्होंने इस दौरान अल्पसंख्यक स्कूलों की समस्याओं को भी सामने रखा. कहा कि पिछली सरकार के समय में अल्पसंख्यक स्कूलों में कोई भी नियुक्ति नहीं हो पाई. स्कूलों में शिक्षकों के नहीं होने से उसके संचालन में मुश्किल हो रही है और इसका सीधा प्रभाव बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि हमारे 1500 स्कूल हैं जो सरकारी सहायता प्राप्त हैं. इसके साथ साथ कई निजी स्कूल हैं, जिनका संचालन पूरी तरह से हम लोग खुद करते हैं.
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आदिवासी भाषाओं और संस्कृति को बढ़ावा दिया जाये
आर्चबिशप ने कहा कि अभी भी स्कूल नहीं खुले हैं. शहरों में ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है पर वहां पर कई तरह की समस्याएं हैं. गांव में ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो पा रही है. देखा जाए तो बच्चों का एक साल खराब हो गया है. हम जल्दी ही अपने स्कूलों को निर्देश देंगे कि किस तरीके से छोटे-छोटे समूहों में बच्चों को पढ़ाया जा सकता है. इसके अलावा हम यह भी चाहते हैं कि आदिवासी भाषाओं और संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए. उन्होंने कहा कि यह चुनौती है, क्योंकि हिंदी और अंग्रेजी की वजह से आदिवासी भाषाएं खत्म हो रही हैं.
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