
Ranchi : कोरोना की वजह से रांची विवि और उससे जुड़े हुए तमाम कॉलेज लगभग पूरे साल बंद रहे. क्लासेस पूरी तरह बंद रहा. नये एकेडमिक इयर में क्लासेस शुरू होते ही फिर बंद हो गये. ऐसे में स्टूडेंट्स काफी मानसिक दबाव में हैं. पढ़ाई का क्या होगा. करियर का क्या होगा. ये सब सवाल निश्चित रूप से स्टूडेट्स के मन में आ रहे हैं. ऊपर से कोरोना के बढ़ते मामले चिंता और बढ़ा रहे हैं.
आप रांची विवि के स्टूडेंट्स हैं और आप इनसब समस्याओं से गुजर रहे हैं. तो आप बिलकुल फ़िक्र न करें. अपना फोन उठायें और रांची विवि के हेल्पलाइन नंबर पर फोन करें. यहां मौजूद एक्सपर्ट आपकी हर समस्या का निदान आपको देंगे.
बताते चलें कि कोरोना महामारी को देखते हुए रांची विवि ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. जहां चार एक्सपर्ट स्टूडेंट्स की मानसिक परेशानी का समाधान तलाशने में स्टूडेंट्स की मदद कर रहे हैं. काउंसलर छात्र-छात्राओं को होने वाली मानसिक परेशानी से निपटने में सहायता कर रहे हैं. वे विद्यार्थियों की उलझने और समस्याओं को सुन रहे हैं. इसके बाद उनका तनाव दूर करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं.
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काउंसलिंग सेल के को-ऑर्डिनेटर डॉ मीरा जायसवाल और इंचार्ज डॉ परवेज हसन हैं. इनके अलावा चार लोगों का नंबर भी जारी किया गया है. आरयू प्रशासन ने कहा कि सत्र विलंब के बारे में विद्यार्थी नहीं सोंचे, क्योंकि यह पूरे देश की समस्या है.
इन नंबरों पर मिल रहा समाधान
डॉ एम परवेज हसन : 9931399818
डॉ मीरा जायसवाल : 9430141156
डॉ शशि कपूर प्रसाद : 9431596692
डॉ राजेश कुमार : 9334655848
रेडियो पर भी बताया जा रहा हेल्पलाइन नंबर
बताते चलें कि हेल्पलाइन नंबर का प्रसारण रेडियो खांची एफएम 90.4 पर भी जारी किया जा रहा है. इस बाबत वीसी डॉ कामिनी कुमार ने कहा है कि किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए. साथ ही इस त्रासदी का प्रतिकूल प्रभाव विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ पर नहीं पड़ना चाहिए. वीसी ने कहा कि विवि इस आपदा की घड़ी में अपनी सामाजिक भूमिकाओं को समझता है. काउंसलिंग सेल चौबीसों घंटे कार्य करेगा. उन्होंने कहा कि विवि बंद है, लेकिन छात्र-छात्राओं की ऑन लाइन पढ़ाई जारी है. छात्र-छात्राएं इसमें नियमित तौर पर भाग लें. उन्होंने शिक्षकों से कहा कि नोट्स का वीडियो, आडियो व पीडीएफ फार्म में विद्यार्थियों को दें. उन्होंने विद्यार्थी से किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने को कहा है.
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