
Deoghar: पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण 2023 को लेकर गुरुवार को प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला सारवां प्रखंड सभागार में आयोजित किया गया. जिसकी अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी जहुर आलम ने की. इस अवसर पर उपस्थित पंचायत सचिवों को जिला समन्वयक इंदुशेखर झा ने स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2023 अंतर्गत विलेज असेसमेंट को लेकर विस्तृत जानकारी दी. जिसमें बताया गया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के लिए ग्राम स्तरीय मूल्यांकन का जिम्मा पंचायत सचिव को दिया गया है. पंचायत सचिव को ई ग्राम स्वराज के पोर्टल से पंचायत के लॉगिन आईडी से प्रत्येक गांव का 31 दिसंबर तक सेल्फ एसेसमेंट करना अनिवार्य है. एंट्री क्यों अनिवार्य है इसकी विशेष जानकारी पंचायत सचिव को प्रशिक्षण में दिया गया. इसी आधार पर स्वच्छ गांव का मूल्यांकन किया जाना है. तीन श्रेणी में पंचायतों का चयन होना है. जिसमें 1000 से 2000 आबादी वाले, 2000 से 5000 आबादी वाले व 5000 से अधिक आबादी वाले गांव का चयन होना है. जिन्हें स्वच्छता पंचायत का अवार्ड मिलेगा. प्रत्येक गांव के लिए 500 अंक निर्धारित की गई है. स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 से संबंधित अन्य जानकारी विस्तार पूर्वक पीपीटी के माध्यम से दी गई. जिला समन्वयक एसबीएमजी गोपाल प्रसाद द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण के बारे में बताया गया. उन्होंने कहा कि प्रमुख सांकेतिक मापदंड और मानक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एसबीएम ओडीएफ प्लस कार्यक्रम के अनुसार कचरे का पृथकीकरण, कचरे का संग्रह और परिवहन डोर टू डोर संग्रह के साथ कवर किए गए परिवारों की संख्या, संग्रह का अंतराल, जैविक कचरे का प्रबंधन कंपोस्टिंग, पृथकीकरण शेड और सामुदायिक स्तर पर पृथकीकरण, अजैविक कचरे के प्रबंधन के लिए फॉरवर्ड लिंकेज, गंदला जल प्रबंधन, गंदला घरेलू और सार्वजनिक स्थानों पर अपशिष्ट जल है. जो नहाने धोने सामान्य सफाई रसोई पशुधन का रखरखाव से उत्पन्न होता है. मलिया कीचड़ जल प्रबंधन मल कीचड़ एक घोल है. जिसमें ठोस और तरल दोनों प्रकार के अपशिष्ट होते हैं. शौचालय के गड्ढे और सेप्टिक टैंक में जमा हो जाते हैं. जिसमें शौचालय का रेट्रोफिटिंग, सीवेज सिस्टम, एसटीपी, कंट्रीटमेंट सुरक्षित तकनीक वाले शौचालयों के आकलन सहित विभिन्न प्रकार के शौचालय तकनीकों का आकलन किया जाना है. दो गड्ढों वाले शौचालय और सेप्टिक टैंक का आंकलन एक गड्ढे वाले शौचालय को दो गड्ढे वाले शौचालय में बदलना रिट्रोफिटिंग सेप्टिक टैंक के लिए सेसपोल वाहन का उपयोग कर मलीय कीचड़ निकालने की व्यवस्था की उपलब्धता, जागरूकता संदेश आईईसी एवं ग्राम पंचायत में प्रचार-प्रसार आईईसी पहुंच, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति अस्तित्व में है. सार्वजनिक स्थानों में जागरूकता का संदेश सार्वजनिक स्थानों में दिखने वाली स्वच्छता, जीपीडीपी में स्वच्छता योजना को मैप किया जाना है. गांव में कार्यरत ओडीएफ प्लस पर प्रशिक्षित संसाधन की उपलब्धता इत्यादि के बारे में जानकारी दी गयी. कार्यक्रम में प्रखंड समन्वयक रक्षित रंजन, सोशल मोबिलाइजर योगेंद्र यादव, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल देवघर के रौशन झा, लेखा लिपिक 15वीं वित्त सहित कार्यक्रम में उपस्थित प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही. इस अवसर पर पंचायत सचिव, वीएलडब्ल्यू, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, जलसहिया समेत अन्य लोग उपस्थित थे.
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