
Ranchi: झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र का मंगलवार को दूसरा दिन है. सदन की कार्रवाई शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी के वायरल हुए वीडियो की बात छेड़ दी.
मामले पर बीजेपी पर हमला करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि इनके विधायक जो करे सब साफ और हमारे विधायक की चली जाती है सदस्यता.
साथ ही कहा कि सरकार के मंत्री घूस लेते हैं, सत्ता पक्ष के विधायक लोगों को पीटते भी हैं. लेकिन अगर विपक्ष के लोग ऐसा करें तो सदस्यता चली जाती है. जबकि ये लोग मंत्री बने रहते हैं.
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सीएम नहीं देते किसी बात का जवाब- हेमंत
सत्ता पक्ष के लोगों पर सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती. इसको लेकर प्रतिपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री से जवाब सुनने की बात पर अड़े रहे. लेकिन सीएम ने कोई जवाब नहीं दिया.
वहीं सदन से बाहर निकलने पर हेमंत सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज तक किसी बात का जवाब दिया है जो अब देंगे. बाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहां कि स्वास्थ्य मंत्री को चुल्लू भर पानी में डूबकर मर जाना चाहिए.
गलत साबित हुआ तो इस्तीफा दे दूंगा- चंद्रवंशी
इससे पहले सदन में वायरल वीडियो में पैसे लेने ते आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने बात को स्पष्ट किया. साथ ही कहा कि मैंने इस बात को लेकर केस भी किया है.
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उन्होंने हेमंत सोरेन से कहा कि बात क्लियर हो जाने पर अगर मैं गलत हुआ तो मैं इस्तीफा दे दूंगा, नहीं तो आपको देना पड़ेगा.
इसी बीच राधाकृष्ण किशोर ने हेमंत से कहा कि आप पर भी एसटी जमीन लेने का आरोप है.
इस पर हेमंत सोरेन ने कहा कि मेरे खिलाफ बात सही साबित हुई तो मैं खुद बुलडोज़र चला दूंगा. हेमंत का इशारा उस मामले को लेकर है जिसमें सत्ता पक्ष यह आरोप लगाता रहता है कि उनकी पत्नी ने सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर हरमू रोड में जमीन खरीदी और उस पर मैरेज हॉल सोहराय भवन का निर्माण कराया.
सदन की शुरुआत में रामचंद्र चंद्रवंशी के वायरल हुए वीडियो को लेकर काफी देर तक चर्चा हुई.
पढ़िये किसने क्या कहा-
हेमंत सोरेन: सरकार के मंत्री का घूस लेते हुए वीडियो वायरल हुआ है, सत्ता पक्ष के विधायक लोगों को पीटते भी हैं, विपक्ष के लोग के ऐसा करने पर सदस्यता चली गई.
हेमंत: सत्ता पक्ष के लोग फर्स्ट क्लास मंत्री बने रहते हैं.
स्टीफन मरांडी: किसी भी मंत्री पर आरोप लगने पर पूरे मंत्रिमंडल की सामुदायिक जवाबदेही होती है, इससे सिर्फ सत्तापक्ष की बदनामी नहीं है. पूरे झारखंड की बदनामी है.
राधा कृष्ण किशोर: प्रतिपक्ष के नेता को इस मामले को लेकर मैच्योरिटी भी रखनी चाहिए. हेमंत सोरेन को गंभीरता से सोचना चाहिए.
आलमगीर आलम: अगर मंत्री जी सदन में नहीं होते तो माना जाता. वह सदन में है उनको स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.
राधा कृष्ण किशोर: हेमंत सोरेन पर भी एसटी जमीन हड़पने का आरोप है, आप स्पष्ट करें. आप क्लियर करें
हेमंत सोरेन: मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप में एसआइटी भी गठित की गई है. उसके बाद एसआइटी भंग भी हो गयी है. कागजात सदन में क्यों नहीं रखा जाता महोदय.
रामचंद्र चंद्रवंशी: विपक्ष के नेता ने जो बात उठायी है अशोभनीय है. हम गांव में गए थे, एक करोड़ के योजना का शिलान्यास किए थे. गांव के लोगों ने कहा कि यहां एक चबूतरा बना दीजिए वहां लोग चंदा कर रहे थे.
मेरे बॉडीगार्ड के पास 16000 थे जिसमें से 15000 निकाल कर उनको दे दिये गये. चंदा पूरा हो जाने पर उन्होंने कहा कि 35 रख लेना बाकी 15 हजार दे देना. यही कहा था मैंने बाकी मामले को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया.
राज पालिवार: उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जिसने इतनी बड़ी चोरी की, वह दूसरे को समझा रहा है. चोर को सब कुछ चोरी नजर आती है.
रामचंद्र चंद्रवंशी: उल्टा चोर कोतवाल को नहीं डांटना चाहिए
हेमंत सोरेन: सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार में संलिप्त रहे और विपक्ष देखता रहे, ऐसा नहीं हो सकता.
रामचंद्र चंद्रवंशी: झारखंड को दिल्ली में नहीं ना बेच दिये हैं चंदा दिये हैं.
हेमंत सोरेन: एसआइटी की रिपोर्ट सदन में पेश की जाये. झारखंड सरकार का पूरा कुनबा घोटालों में डूबा हुआ है. घूस लेते हैं यह सदस्यता जाती है, हमारे विधायकों की मारपीट करते हैं. यह बर्खास्त होते हैं हमारे विधायक.
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