
Ranchi: ग्रामीण विकास विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस के तहत आवास की स्वीकृति एवं प्रथम किस्त निर्गत करने का निर्देश सभी उपायुक्त व उपविकास आयुक्तों को दिया है. भारत सरकार ने पीएम आवास योजना ग्रामीण से झारखंड को 3,25381 का लक्ष्य दिया है. जिसमें से करीब सात लाख लाभुकों की प्राथमिकता सूची तैयार की गयी है. इनमें काफी कम लाभुकों के आवास की स्वीकृति दी गयी है, इनमें भी प्रथम किस्त की राशि निर्गत करने की स्थिति अच्छी नहीं है.
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बता दें कि विभागीय सचिव ने भी इसकी समीक्षा की थी और इसके प्रगति पर निराशा व्यक्त किया है. सचिव ने कहा था कि यह देखा जा रहा है कि जिलों द्वारा निर्धारित प्राथमिकता सूची के अनुरूप लाभुकों को स्वीकृति प्रदान करने मे अपेक्षित प्रगति नहीं की जा रही है. बता दें कि आवास की स्वीकृति जिला स्तर पर दिया जाना है अत: सभी जिलों को इसमें प्रगति लाने का निर्देश दिया जा रहा है.
बरती जा रही शिथिलता
ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार जिलों द्वारा प्रथम किस्त निर्गत करने में भी शिथिलता बरती जा रही है. पूर्व दिए गये निर्देशों के आलोक में स्वीकृत लाभुकों को स्वीकृति के एक सप्ताह के अंदर प्रथम किस्त निर्गत करना अनिवार्य है. बता दें कि कुल उपलब्ध राशि का 75 प्रतिशत खर्च करने के बाद ही वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए प्रथम किस्त केद्रांश की राशि प्राप्त किया जाना संभव होगा. विभाग ने सभी जिलों को इस विषय की गंभीरता देखते हुए कहा है कि आवासों की स्वीकृति एवं प्रथम किस्त निर्गत करने में तेजी लाया जाये तथा हर हाल में जिलों को दिए गये लक्ष्य को प्राप्त किया जाये.




