
Gomia: बेरमो अनुमंडल के उग्रवाद प्रभावित चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के बडकी सीधाबारा ग्राम निवासी सुरेन्द्र महतो का शव 10 दिन के बाद भी स्वदेश नहीं लौट सका है. 12 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका के मरुतानिया में सुरेंद्र की मौत हो गयी थी.
पति के शव को दक्षिण अफ्रीका से मंगाने को लेकर सुरेंद्र की पत्नी सावित्री देवी गुहार लगा रही हैं. सावित्री ने बताया कि परिवार की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए सुरेन्द्र महतो दक्षिण अफ्रीका के मरुतानिया गये थे.
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कंपनी की लापरवाही
वहां केपीटीएल नामक ट्रांसमिशन कंपनी में कार्यरत थे. इसी बीच अचानक 12 फरवरी को उनकी मौत का समाचार मिलने पर पूरे परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा.
पत्नी का कहना है कि उनके पति की मौत कंपनी की लापरवाही से हुई हैं. मौत को लगभग दस दिन हो गये. अभी तक मरूतानिया से उसके पति का शव स्वदेश नहीं पहुंच सका है. इस बीच गुरुवार को दादा ससूर पोखो महतो की भी मौत हो गयी.
शव लौटने के संबंध में कंपनी के द्वारा कोई सार्थक जवाब न मिलने से परिवार हैरान परेशान है. बताया कि उनकी बेटी रीता कुमारी (10), गीता कुमारी (05) और मात्र तीन साल का मासूम बेटा बादल कुमार के लालन-पालन व पढाई-लिखाई को लेकर वह काफी चिंतित है.
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संगठन करेगा प्रयास
शनिवार को प्रवासी संगठन के संचालक सिकन्दर अली ने मृतक सुरेन्द्र महतो के परिजनों से मिलकर परिवार को ढांढस बंधाया.
घटना की पूरी जानकारी लेते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले में वे कवायद करेंगे. वहीं कल्पतरू कंपनी से उचित मुआवजा दिलाने का भी प्रयास करेंगे.
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