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वेतन नहीं मिलने से शिक्षक ISM पुंदाग छोड़ने को मजबूर

शिक्षकों की कमी के कारण छात्र छोड़ रहे कॉलेज

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Ranchi : पुंदाग स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट (आईएसएम) एमबीए व होटल मैनेजमेंट कोर्स के लिए झारखंड में जाना पहचाना नाम है. XISS और बीआईटी मेसरा के बाद मैनेजमेंट के क्षेत्र में इसी संस्थान का नाम आता था. यहां से एमबीए के छोत्रों को पढ़ाई करने के बाद अच्छे पैकेज पर नौकरी भी मिलती थी. नौकरी कॉलेज ही कैंपस सिलेक्शन के माध्यम से करवाता था. वहीं, यहां से होटल मैनेजमेंट करने वाले छोत्रों को भी अच्छी जगहों पर प्लेसमेंट मिलता था.

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एडमिशन लेने से डर रहे छात्र

वहीं अगर आज इस कॉलेज के बारे में बात करें तो यहां कि स्थिति पहले से काफी खराब हो गयी है. 2012 के बाद से इस कॉलेज की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब ही होती चली गयी. वर्तमान में आईएसएम पुंदाग का ये हाल कि यहां एडमिशन लेने से पहले छात्र कई बार सोचते हैं. इसका जीता जागता उदाहरण है कि इस साल यहां एमबीएस कोर्स में मात्र 40 बच्चों ने ही एडमिशन लिया है. वहीं, होटल मैनेजमेंट कोर्स में मात्र 25 छात्रों ने ही नामांकन लिया है. कुल मिलकार देखें तो राज्य में मैनेजमेंट के क्षेत्र में स्थापित आईएसएम पुंदाग संस्थान इन दिनों बदहाली के दौर से गुजर रहा है.

वर्तमान में छात्रों से इतनी फिस वसूली जाती है

एमबीए के कोर्स के लिए कॉलेज की ओर से छात्रों से तीन लाख 60 हजार वसूला जाता है. वहीं होटल मैनेजमेंट कोर्स के लिए दो लाख 60 हजार रुपये वसूले जाते हैं.

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कर्मचारी व शिक्षक छोड़ रहे हैं कॉलेज

आईएसएम के कई शिक्षक एवं कर्मचारी वेतन समय पर नहीं मिलने के कारण संस्थान छोड़ अन्य संस्थानों का रूख कर रहे हैं. अच्छे शिक्षकों की कमी के कारण यहां पढ़ाई करने वाले छात्रों की रूची इस संस्थान के प्रति दिनों दिन कम होती जा रही है. ज्ञात हो कि इस संस्थान के कर्मचारी एवं शिक्षकों को पिछले एक साल से वेतन नहीं दिया गया है.

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क्यों शिक्षक छोड़ रहे कॉलेज

कॉलेज छोड़े जाने के बारे में जब कॉलेज के पूर्व शिक्षकों से न्यूज विंग ने बात की तो उनका कहना था कि लंबे समय से वेतन नहीं दिया गया था. साथ ही कॉलेज में छात्रों की संख्या भी कम हो गयी है. जिसकी वजह से कॉलेज की स्थिति दिन पर दिन खराब होते जा रही है.

वेतन नहीं मिलने से इन शिक्षकों ने छोड़ा कॉलेज

  • अलका उरांव
  • स्वामी चटर्जी
  • राकेश कुमार मिश्रा
  • सौरव सेन
  • बेबिलिना सेन
  • किशोर राम
  • कुमद रंजन
  • पंकज चटर्जी एवं अन्य

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सरकार की उदासीनता कारण संस्थान में छात्रों की रूची कम हुई है : ISM

आईएसएम के डिप्टी डायरेक्टर महेंद्र शुक्ला का कहना है कि संस्थान में पढ़ने वाले ज्यादातर छात्र झारखंड राज्य से आते हैं. सरकार द्वारा इस संस्थान के छात्रों को छात्रवृति नहीं दिए जाने के कारण अन्य छात्रों का रुझान संस्थान के प्रति कम हो गया है. जहां तक बात कर्मचारियों और शिक्षकों के संस्थान छोड़ने की है तो बहुत कम संख्या में शिक्षकों ने संस्थान छोड़ा है. वहीं  जो कर्मचारी व शिक्षक संस्थान में काम कर रहे हैं उन्हें नियमित रूप से वेतन का लाभ संस्थान की ओर से प्रदान किया जा रहा है.

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