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तारिक अनवर की घर वापसी, 21 साल बाद फिर से थामा ‘हाथ’

राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में हुए शामिल

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New Delhi: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) छोड़ने के करीब एक महीने बाद तारिक अनवर शनिवार को कांग्रेस में शामिल हो गए. नयी दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने के बाद वह पार्टी में शामिल हुए. अनवर अपने समर्थकों के साथ गांधी से तुगलक लेन स्थित उनके निवास पर मिले जहां उनका पार्टी में स्वागत किया गया.

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1999 में छोड़ी थी कांग्रेस

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सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर 1999 में कांग्रेस से बगावत कर एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ मिलकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का गठन किया था. तारिक अनवर बिहार के कटिहार लोकसभा सीट से पांच बार सांसद रहे हैं.कांग्रेस की बिहार इकाई के पूर्व अध्यक्ष रहे अनवर ने पवार और दिवंगत पी ए संगमा के साथ मिलकर 1999 में राकांपा बनाई थी. सोनिया गांधी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का अध्यक्ष बनाए जाने के विरोध में उन्होंने इस पार्टी का गठन किया गया था. राकांपा इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर और महाराष्ट्र में भी कांग्रेस के साथ गठबंधन में रही.

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राफेल के बहाने एनपीसी छोड़ी

राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर शरद पवार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचाव में उतरने के बाद 28 सितंबर को अनवर ने घोषणा की थी कि वह राकांपा से बाहर हो रहे हैं. और अपनी लोकसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था. मीडिया में कहा गया था कि राफेल सौदा मामले में पवार ने मोदी को क्लीन चिट दी है हालांकि पवार ने सफाई दी थी कि मीडिया में उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और उन्होंने ऐसी कोई क्लीन चिट मोदी को नहीं दी.

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घर वापसी के सियासी मायने

राफेल डील पर पावर के रुख से नाजार हो तारिक अनवर के एनसीपी छोड़ने के बाद से लगातार यह सवाल उठ रहे थे कि वो किस पार्टी में जाएंगे. हालांकि पहले से ही अटकलें लग रही थी कि वो फिर से कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं. दरअसल, बिहार में कांग्रेस अपने आधार को मजबूत करने की कोशिश में जुटी है, जबकि पार्टी के पास राज्य में कोई बड़ा चेहरा नहीं है. ऐसे में तारिक अनवर को अपना राजनीतिक भविष्य कांग्रेस में सेफ नजर आ रहा है. अब कांग्रेस में वापसी वो बिहार में पार्टी का बड़ा चेहरा बनना चाहते हैं.

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