न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

जेपीएससी लेक्चरर नियुक्ति : CBI ने विवि प्रबंधन से फिर पूछा, किस आधार पर हुई व्याख्याताओं की सेवा संपुष्ट

CBI ने विवि प्रबंधन से पूछा सेवा संपुष्टि का क्या है आधार, जेट के जरिये नियुक्त 214 लेक्चरर हैं जांच के दायरे में

3,514

Ravi Aditya

Ranchi: जेपीएससी द्वारा लेक्चरर नियुक्ति मामले में सीबीआइ ने फिर से सभी विश्वविद्यालय प्रबंधन को रिमांडर भेज कर पूछा है कि किस आधार पर व्याख्ताओं की सेवा संपुष्ट की गई. सीबीआई ने ये सवाल भी किया है कि विश्व विद्यालय ने कैसे तय किया कि नवनियुक्त व्याख्याताओं का प्रमाण पत्र सही है. इस पूरे मामले में जेट के जरिये नियुक्ति 214 लेक्चचर जांच के दायरे में है.

इसे भी पढ़ेंःCBI विवादः IRCTC घोटाले में निदेशक वर्मा ने लालू प्रसाद के खिलाफ जांच करने से किया था मना- अस्थाना

hosp3

बता दें कि वर्ष 2008 में 745 लेक्चर की बहाली नेट व जेट के जरिये हुई थी. नेट पास अभ्यर्थियों की सेवा संपुष्ट हो गई है. जबकि जेट पास अभ्यर्थियों की सेवा संपुष्ट नहीं हो पाई है. वजह यह है कि जेट से लेक्चचर बने लोगों का जेपीएससी के पास रिकॉर्ड ही नहीं है. इस कारण सीबीआइ जांच भी प्रभावित हो रही है.

इसे भी पढ़ेंःJPSC: एक पेपर जांचने के लिए चाहिए 60 से अधिक टीचर, मेंस एग्जाम की कॉपी चेक करना बड़ी चुनौती

क्यों पड़ी सीबीआइ जांच की जरूरत

जिस समय लेक्चरर की बहाली हुई थी,उस समय नियोक्ता रांची यूनिवर्सिटी थी. नियमत: जेपीएससी ने नियुक्ति से संबंधित फाइल रांची यूनिवर्सिटी को सौंप दी थी. विश्वविद्यालय बंटने के बाद दूसरे विश्वविद्यालयों ने आनन-फानन में नव नियुक्त लेक्चररों की सेवा संपुष्ट कर दी. नियम के अनुसार, संपुष्टि के लिये रांची यूनिवर्सिटी की स्वीकृति जरूरी थी.

इसे भी पढ़ेंःबकोरिया कांडः जब मुठभेड़ फर्जी नहीं थी, तो सीबीआई जांच से क्यों डर रही है सरकार !

दूसरी वजह यह भी थी कि निगरानी जांच चलने के बावजूद विनोबाभावे ने 176, कोल्हान ने 100 और नीलांबर-पीतांबर ने 33 लेक्चचर की सेवा संपुष्ट कर दी. वहीं रांची यूनिवर्सिटी ने बाद में लेक्चरर की सेवा संपुष्ट की.

ब्यूरोक्रेट्स के संबंधी भी हुए उपकृत

लेक्चरर नियुक्ति में ब्यूरोक्रेट्स सहित आइएफएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के संबंधी भी उपकृत हुए. इन अफसरों ने अपने संबंधियों के लिये पैरवी की. झारखंड कैडर के पांच आइएएस, दो आइएएफ और राज्य प्रशासनिक सेवा के एक-एक संबंधी की नियुक्ति जेट के जरिये हुई. इसमें चार अफसर वर्तमान में सचिव रैंक के हैं. एक अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं. दो आइएफएस सीएफ रैंक के हैं. वहीं राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर भी काफी दिनों तक जेपीएससी में ही पदस्थापित रहे. इस सभी संबंधियों की नियुक्ति की भी जांच चल रही है.

जानिये झारखंड की विकास गाथा का सच

ये परीक्षाएं हैं जांच के दायरे में

प्रथम सिविल सर्विसेस परीक्षा
द्वितीय सिविल सेवा परीक्षा
प्रथम शिक्षक नियुक्ति परीक्षा
द्वितीय शिक्षक नियुक्ति परीक्षा
बाजार पर्यवेक्षक
सहकारिता
व्याख्याता नियुक्ति(जेट)

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: