
Kolkata : पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमण तेजी से पांव पसारता जा रहा है. अब महानगर के एक और अस्पताल में पीड़ित शख्स की मौत के बाद डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को क्वॉरेंटाइन कर सेवा बंद करनी पड़ी है. तेघरिया के स्पंदन नर्सिंग होम में एक कोरोना पॉजिटिव शख्स की मौत हुई थी जिसके बाद डॉक्टर सहित 10 लोग क्वॉरेंटाइन किए गए हैं. अस्पताल प्रबंधन ने बताया है कि अभी कम से कम रविवार तक यहां किसी को भी भर्ती नहीं किया जाएगा. और ना ही किसी का इलाज होगा.
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पूरे अस्पताल को जीवाणु मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उल्लेखनीय है कि इसके पहले पीयरलेस, जॉब चारनॉक, शिशु अस्पताल, कोलकाता मेडिकल की इडेन बिल्डिंग समेत कई महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्रों को संक्रमण की वजह से बंद करना पड़ा है. इससे अन्य बीमारियों से पीड़ित लोग काफी परेशान हो रहे हैं.
बीएसएफ के 5 और जवान कोरोना पॉजिटिव
कोलकाता और आसपास के कोरोना प्रभावित जिलों की स्थिति का आकलन करने के लिए आई एक केंद्रीय अंतर मंत्रालयी टीम (आईएमसीटी) को एस्कॉर्ट करने वाले बीएसएफ के पांच और जवान कोरोना से संक्रमित हो गये. इसके साथ इसकी संख्या 6 हो गयी है. सभी जवान कोलकाता के एमआर बांगुर अस्पताल में भर्ती किए गए हैं.
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बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पांच और जवानों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. कुल संक्रमितों में से दो चालक, एक रेडियो ऑपरेटर व अन्य जवान शामिल हैं. अधिकारी ने कहा, हमारे जवानों में संक्रमण की पुष्टि के बाद हम हाई अलर्ट पर हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सीमा सुरक्षा बल के जवान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और अन्य दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करें.
25 से अधिक जवानों की जांच की गई है. इनमें से छह संक्रमित पाए गए हैं. अधिकारी ने कहा कि गृह मंत्रालय को बीएसएफ कांस्टेबलों के संक्रमण के बारे में सूचित कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि केंद्रीय टीम के अधिकारी दक्षिण कोलकाता के बालीगंज इलाके में स्थित बीएसएफ के गेस्ट हाउस में रह रही थी और उन्हें वाहन, एस्कॉर्ट कर्मी बीएसएफ की तरफ से प्रदान किया गया था.
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