
Mumbai : बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई को एम्स की टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. सीबीआइ ने एम्स से सुशांत की मौत से जुड़े कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी. अब उम्मीद की जा रही है कि मामले में कुछ नये तथ्य सामने आ सकते हैं. सोमवार को एम्स मेडिकल बोर्ड के प्रमुख डॉ सुधीर गुप्ता ने जानकारी दी कि सीबीआई के साथ मिलकर काम किया है. हमलोगों की जांच में जो भी बातें सामने आयी है उन्हें सीबीआई को सौंपा है.
इधर, सुशांत सिंह राजपूत केस में एम्स ने जो रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी हैं उससे पता चलता है कि सुशांत को जहर नहीं दिया गया था. सुशांत के विसरा में जहर नहीं पाया गया. एम्स के डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सुशांत के शरीर में किसी तरह का ऑर्गेनिक जहर नहीं मिला. अब एम्स की रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई अपनी जांच आगे बढ़ायेगी.
इसे भी पढ़ें :राज्यसभा चुनाव 2016 के हॉर्स ट्रेडिंग मामले में निष्कर्ष के करीब पुलिस, मुख्य गवाह मंटू सोनी से 3 घंटे पूछताछ
रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी
सीबीआइ सुशांत सिंह की मौत से जुड़े हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है. जांच से पता चह पायेगा कि सुशांत ने आत्महत्या की थी या फिर उनकी हत्या हुई थी. गौरतलब है कि सुशांत के पिता और उनके निकट परिजन मानते हैं की यह मामला आत्महत्या का नहीं है. उनका मामना है कि ऐसी कई बातें है जो इशारा करती है कि सुशांत की मौत स्वाभाविक नहीं थी. सुशांत के पिता की मांग और मामले में राजनीतिक दबाव के बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गयी है. इस मामले में सीबीआई ने कई लोगों से पूछताछ की है.
14 जून को मुंबई स्थित फ्लैट में मिला था सुशांत का शव
गौरतलब है कि इस वर्ष 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत का शव उनके मुंबई स्थित फ्लैट में पंखे से लटका मिला था. पहले इसे आत्महत्या बताया गया था. कहा जा रहा था कि डिप्रेशन में आकर सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की है. हालांकि पुलिस की जांच से सुशांत के परिजन संतुष्ट नहीं थे. उनका मानना है कि यह आत्महत्या का मामला नहीं है. इस मामले में उनकी गर्लफ्रेंड और फिल्म अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती का नाम सामने आया था. रिया चक्रवर्ती और उसका भाई शोविक इस समय ड्रग्स से जुड़े मामले में आरोपी है और हिरासत में है.
इसे भी पढ़ें :18 करोड़ से बने स्लॉटर हाउस के संचालन का जिम्मा अर्श एंड अहलान को, 25 प्रतिशत राशि निगम को देगी कंपनी





always i used to read smaller content which as well clear their motive, and that is also happening with this article which I am reading at this place.