
Ranchi: मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने माना है कि राज्य में प्राइवेट अस्पतालों ने लूट मचा रखी है. शनिवार को बरियातू स्थित अपने आवास में पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों, जोनल कोर्डिनेटर, कार्यकारी अध्यक्षों के साथ उन्होंने वर्चुअल बैठक की. इस दौरान पार्टी नेताओं की ओर से उनसे यह शिकायत की गयी.
सबों ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में निजी अस्पतालों द्वारा मनमानी की जा रही है. अस्पतालों द्वारा व्यवस्था रहने के बावजूद ऑक्सीजन सिलेंडर मरीजों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. बेड और वेंटिलेंटर उपलब्ध कराने में भी मनमानी की जा रही है. अस्पतालों में दलाल सक्रिय हैं और लोगों से मोटी रकम वसूली जा रही है.
उरांव ने कहा कि वे भी इससे सहमत हैं. राज्य के डॉक्टर एवं नर्स अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों की सहायता कर रहे हैं पर निजी अस्पतालों के संचालकों की मनमानी पूरे राज्य में जारी है. इस विषय को वे स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और विभागीय सचिव के पास रखेंगे.
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एक दिन में एक लाख तक का बिल
वर्चुअल बैठक में नेताओं ने रामेश्वर उरांव से कहा कि निजी अस्पतालों के खिलाफ लगातार शिकायत मिल रही है. कोरोना संक्रमित मरीजों और उनके परिजनों से एक ही दिन में 70 हजार से एक लाख रुपये तक वसूले जा रहे हैं जबकि पूर्व में ही राज्य सरकार द्वारा इलाज का दर तय कर दिया गया था.
रामेश्वर उरांव ने कहा कि जल्दी ही मंत्री के सहयोग से यह व्यवस्था तय करायेंगे कि सभी निजी अस्पतालों में सरकार द्वारा निर्धारित दर की सूची लगे और उसी अनुरूप ईलाज हो. अभी सबसे जरूरी है कि लोगों को कोरोना का टीका लगाया जाए. अब भी लोगों में टीकाकरण को लेकर कई भ्रांतियां हैं. इसे दूर करने की जरूरत है.
इससे 65 फीसदी से अधिक लोगों का बचाव हुआ है. टीका लेने के बाद जान जाने का खतरा भी नहीं होता है. आने वाले समय में टीकाकरण कार्य में पार्टी कार्यकर्त्ताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेवारियां होंगी.
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रांची पर लोड बढ़ा रहे सिविल सर्जन
रांची में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या पर कांग्रेस न चिंता जाहिर की. मंत्री ने कहा कि कोरोना का दूसरा फेज भयानक है. पर झारखण्ड के दूसरे जिलों चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, दुमका, धनबाद, सहित अन्य में डॉक्टर गंभीरता नहीं दिखा रहे.
वे मरीजों को रांची भेजकर अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं जो उचित नहीं है. जिलों के सिविल सर्जन अपने अस्पतालों को एक्टिव करें.
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