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MNREGA: जमीन पर नहीं, कागजों पर बने 3 लाख के कुआं से अफसरों ने बुझायी लालच की प्यास

Ranchi: सिमडेगा में मनरेगा के तहत बगैर काम कराये 3.04 लाख रुपये की निकासी कर ली गयी. नरेगा वाच, झारखंड ने इस पर आपत्ति जतायी है. इसके स्टेट कन्वेनर जेम्स हेरेंज ने डीसी सुशांत गौरव को लेटर लिखकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है.

जलडेगा ब्लॉक के पतियम्बा पंचायत के पतियम्बा गांव में हुई इस गड़बड़ी में जिम्मेदार पदाधिकारियों, कर्मियों ने मनरेगा प्रावधानों का उल्लंघन कर अवैध तरीके से तीन लाख से अधिक की निकासी की है.

नरेगा वाच ने सरकार से कहा है मनरेगा की धारा 29 (क से छ) के तहत उल्लेखित कानूनी प्रावधानों के आधार पर समुचित लीगल एक्शन लिया जाये.

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सरस्वती के नाम पर हुई लूट

पतियम्बा में वित्तीय वर्ष 2017-18 में सरस्वती देवी (पति-जगदीश साहू) के नाम से एक सिंचाई कूप स्वीकृत हुआ था. इसकी प्राक्कलित राशि 3.04 लाख रुपये थी. वर्क कोड 3404006010/आइएफ/708090124778 है.

एमआईएस (मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) में दर्ज सूचना के अनुसार योजना में 18 फरवरी से 26 मई, 2019 तक कार्य करा लिया गया. 1,55,520 रुपये का मजदूरी भुगतान हुआ. इसमें 89,401 रुपये सामग्री भुगतान पर दिखाया गया. दर्ज सूचना के मुताबिक योजना पूरी हो गयी है.

निरीक्षण में सच्चाई आयी सामने

नरेगा वाच की टीम के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने 13 अप्रैल, 2021 को योजना स्थल का भ्रमण किया. इसमें पाया गया कि इस योजना के तहत मात्र 20 फीट की खुदाई की गयी. इसमें भी गैस पाईपलाइन का कार्य कर रही जेसीबी मशीन की मदद ली गयी.

योजना स्थल पर किसी तरह की सामग्री उपलब्ध नहीं दिखी. इसके आधार पर यह सच सामने आया कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर सरकारी फंड का दुरूपयोग किया गया है. जवाबदेह लोगों ने अपने लालच की प्यास बुझाने को कागजी तौर पर ही 3 लाख का कुआं बना दिया है.

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