
Ranchi: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के चेयरमैन प्रियंक कानूनगो ने शनिवार को बरियातू स्थित दीया सेवा संस्थान का औचक निरीक्षण किया. उनके साथ जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शत्रुजंय कुमार और सीडब्ल्यूसी चेयरमैन अजय शाह भी थे. जांच के क्रम में संस्थान में उपलब्ध कागजात सही नहीं पाए गए. साथ ही वहां 10 लड़कियां भी मिलीं. चेयरमैन ने सभी बच्चियों को वहां से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करने को कहा. इस पर पांच लड़कियों को दूसरे शेल्टर होम भेजा गया और पांच को उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया.
निरीक्षण के बाद आयोग के चेयरमैन ने ट्वीट कर कहा कि रांची में एक बालगृह का निरीक्षण किया. एक साल पहले यहां बच्ची के यौन शोषण का मामला दर्ज हुआ था. आरोपी गैर अनुमोदित स्थान पर चल रहे बालगृह संचालक का पुत्र है और इसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है न ही होम बंद हुआ. अभी भी 10 बच्चियां रह रही हैं. इस संस्था को झारखंड सरकार पैसा भी दे रही है.




