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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम जस्टिस केएम जोसेफ का नाम दोबारा सरकार को भेजेगा 

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ का नाम दोबारा सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजेगा.

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NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ का नाम दोबारा सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजेगा. बता दें कि कॉलेजियम ने 11 मई को सैद्धांतिक रूप से एकमत होकर सहमति जताई थी कि जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट में जज बनाने की सिफारिश दोहराई जानी चाहिए. कॉलेजियम ने यह भी कहा था कि अन्य उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को भी सुप्रीम कोर्ट में जज बनाने की सिफारिश भी भेजी जानी चाहिए.

सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाले पांच वरिष्ठ जजों के सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की जस्टिस जोसेफ को प्रमोट करने की  सिफारिश 26 अप्रैल को केंद्र सरकार ने वापस भेज दी थी. केंद्र ने तर्क रखा था कि यह प्रस्ताव टॉप कोर्ट के पैरामीटर्स के तहत नहीं है. केंद्र की ओर से यह भी कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट में केरल से पर्याप्त प्रतिनिधित्व है, जहां से वह आते हैं. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर प्रमोशन के लिए उनकी वरिष्ठता पर भी सवाल उठाये थे.

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जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस विनीत सरन के नाम भी भेजे गये

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मद्रास हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी और उड़ीसा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस विनीत सरन का नाम सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्ति के लिए सिफारिश करने का फैसला किया है. कॉलेजियम ने इसके अलावा कई और हाई कोर्ट के जजों को भी दूसरे हाई कोर्ट में नियुक्ति की अनुशंसा की है. कॉलेजियम ने दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यकारी चीफ जस्टिस गीता मित्तल को जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस, कलकत्ता हाई कोर्ट के सीनियर जस्टिस अनिरूद्ध बोस को झारखंड हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की अनुशंसा की है.  बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस वीके तहिलरमानी को मद्रास हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस  गुजरात हाई कोर्ट के एमआर शाह को पटना हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की अनुशंसा की है.

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केंद्र सरकार के बाधा डालने की गुंजाइश नहीं है

सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि जस्टिस जस्ती चेलामेश्वर की सदस्यता वाले कॉलेजियम की एकमत से की गयी सिफारिश के आधार पर उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के एम जोसेफ को देश की  शीर्ष अदालत में जज बनाने की राह में केंद्र सरकार के बाधा डालने की गुंजाइश नहीं है.  जस्टिस ए के सीकरी ने कलीजियम में चेलामेश्वर की जगह ली थी. सूत्रों ने बताया कि प्रस्ताव पर दस्तखत किये जा चुके हैं और वह वैध है.

 वापसी का विकल्प नहीं है सरकार के पास

कॉलेजियम अगर दोबारा किसी नाम को सरकार के पास भेजती है तो सरकार उसे वापस नहीं कर सकती. सुप्रीम कोर्ट के ऐडवोकेट एमएल लाहौटी बताते हैं कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा नाम सरकार को भेजा हो और उसे मंजूर न किया गया हो. सरकार दोबारा नाम भेजे जाने के बाद वापस नहीं कर सकती.

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