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राफेल पर रक्षा मंत्री का जवाब, फ्रांस के साथ सीक्रेसी अग्रीमेंट कांग्रेस सरकार ने ही किया था

मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के क्रम में शुक्रवार को सदन में राफेल डील पर हंगामा मच गया.

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NewDelhi : मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के क्रम में शुक्रवार को सदन में राफेल डील पर हंगामा मच गया. राफेल डील पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के गंभीर आरोपों का जवाब रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने अंदाज में दिया. कांग्रेस को याद दिलाया कि 25 जनवरी 2008 को फ्रांस के साथ सीक्रेसी अग्रीमेंट कांग्रेस सरकार ने ही किया था, हम तो इसे आगे बढ़ा रहे हैं. इस अग्रीमेंट में राफेल डील भी शामिल है. बता दें कि राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री मोदी के दबाव में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल डील को लेकर देश से झूठ बोला है.

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एके एंटनी ने फ्रांस की सरकार के साथ सीक्रेसी अग्रीमेंट्स किया था

रक्षा मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी उस समय तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने फ्रांस की सरकार के साथ सीक्रेसी अग्रीमेंट्स किया था. उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस के अध्यक्ष जब फ्रेंच प्रेजिडेंट से मिले तो क्या बात हुई, नहीं पता. आपको बता दें कि पूरा मामला राफेल की कीमत को लेकर है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने राफेल विमान की कीमत बढ़ा दी.  इस क्रम में रक्षा मंत्री ने  फ्रेंच प्रेजिडेंट द्वारा एक भारतीय मीडिया समूह को दिये इंटरव्यू का हवाला दिया और कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने इसमें साफ कहा था कि भारत के साथ कॉमर्शियल् अग्रीमेंट्स हैं और आपके पास प्रतिद्वंद्वी भी हैं.

ऐसे में हम आपको डील की डीटेल नहीं दे सकते हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा था कि अग्रीमेंट्स में साफ कहा गया है कि कुछ तकनीकी मामलों के जवाब नहीं दिये जाएंगे. इंटरव्यू में फ्रेंच प्रेजिडेंट मैक्रों ने कहा था कि भारत और फ्रांस में यह डील संवेदनशील है और हम बिजनस कारणों से डीटेल नहीं बता सकते

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राफेल डील उनकी सरकार ने 520 करोड़ रुपये में की थी : राहुल

राहुल गांधी ने कहा था कि राफेल डील में उनकी सरकार ने 520 करोड़ रुपये प्रति विमान में डील की थी, पता नहीं क्या हुआ किससे बात हुई और पीएम फ्रांस गये और जादू से हवाई जहाज की कीमत 1600 करोड़ प्रति प्लेन हो गयी. उन्होंने कहा, रक्षा मंत्री ने पहले कहा कि मैं देश को हवाई जहाज का दाम बताऊंगी उसके बाद रक्षा मंत्री ने साफ कह दिया कि मैं यह आंकड़ा नहीं दे सकती हूं क्योंकि फ्रांस और भारत की सरकार के बीच सीक्रेसी अग्रीमेंट है.

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