न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

कल्याण विभाग में सुनील कुमार का इतना है दबदबा, कार्रवाई के लिए मंत्री को सचिव को लिखनी पड़ी चिट्ठी

1,117

Ranchi: झारखंड के कल्याण विभाग में काम करने वाले कुछ लोगों को कहना है कि विभाग में सहायक परियोजना पदाधिकारी अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम के पद पर कार्यरत सुनील कुमार की तूती बोलती है. सुनील कुमार पर किसी तरह की कार्रवाई विभाग के आला अधिकारी भी नहीं कर सकते हैं. वो जैसा चाहते हैं वैसा ही करते हैं. लाख शिकायतों के बाद भी उन कार्रवाई के बजाय उनका प्रमोशन हो जाता है. वो भी डबल प्रमोशन. विभाग के कई कर्मी उनसे परेशान हैं. बार-बार विभाग के सचिव के पास सुनील कुमार की शिकायत जाती है. बावजूद इसके इनपर कार्रवाई नहीं की जाती है. हाल यह है कि विभाग की मंत्री लुईस मरांडी के आप्त सचिव को मंत्री की तरफ से कार्रवाई करने के लिए विभाग के सचिव को चिट्ठी लिखी गयी है.

इसे भी पढ़ेंःNews Wing Impact: कसमार के सिंहपुर कॉलेज में नहीं मिला विधायक मद से बना भवन

क्या कहा है आप्त सचिव ने चिट्ठी में

hosp3

सुनील कुमार सहायक परियोजना पदाधिकारी अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम में कार्यरत हैं. उनकी काफी शिकायत लगातार मंत्री जी के पास आ रही है. उनके काम करने का तरीका दूसरे से बात करने का सलीका और अन्य कर्मियों से दुर्व्यवहार की शिकायतें लगातार मंत्री जी के पास आ रही हैं. साथ ही सुनील कुमार की नियुक्ति तथा निगम में मिला प्रमोशन गलत प्रमाण पत्र के आधार पर लिया गया है. सुनील कुमार के खिलाफ शिकायतें मिलने के बाद जांच के लिए एक कमेटी भी बनाई गई थी. लेकिन कमेटी ने सुनील कुमार पर क्या कार्रवाई की, इसकी जानकारी मंत्री जी को अभी तक नहीं मिल पायी है.

इन के तबादले के संबंध में भी मंत्री कोषांग से खत भेजा गया है, फिर भी यह अभी तक यथावत निगम में काम कर रहे हैं. इसलिए अनुरोध है कि संबंधित शिकायतों पर जल्दी कठोर कार्रवाई करने की कृपा की जाए और इसकी जानकारी मंत्री जी को दी जाए.

इसे भी पढ़ेंःNEWS WING IMPACT : बेखबर सोया रहा साहेबगंज प्रशासन, कटिहार में पकड़े गये गिट्टी लदे ट्रक

सुनील कुमार के नाम बिहार के विजिलेंस में केस दर्ज

बिहार में 2008 में सुनील कुमार के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुआ था. एफआइआर बिहार के विजिलेंस डिपार्टमेंट ने दर्ज किया था. उन पर धारा 420, 409, 406, 467, 468, 471 और 470 लगाया गया है. मामला अभी तक लंबित है. उन्हें निगरानी विभाग की तरफ से नोटिस भी आता है. सबसे संगीन आरोप सुनील कुमार पर यह लगा है कि उन्होंने फर्जी तरीके से दो सर्टिफिकेट को एक साथ मर्ज कर नियुक्ति पायी है. इस बात की जांच करने के लिए विभाग में एक कमेटी बनायी गयी थी. लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वो कमेटी ने अब-तक किसी तरह की रिपोर्ट विभाग के सचिव को क्यों नहीं दी. साथ ही प्रमोशन लेने में भी उनपर आराेप लगे हैं. आरोप यह है कि उन्होंने किसी एक बार में ही वेतन भत्ते में डबल प्रमोशन करा लिया है. इसकी बात की जांच भी कमेटी कर रही है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: