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दिव्यांग संतोष कुमार की परेशानी सुन मुख्यमंत्री ने दूर करने का दिया आश्वासन

  • हेमंत ने कहा, पिछले 15 दिनों से सरना धर्मकोड को लेकर थे प्रयासरत

Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आवास गरीबों और जरूरतमंदों के लिए हमेशा खुला है. ऐसे लोगों का दर्द सुनने और उनकी परेशानी दूर करने की खातिर मुख्यमंत्री के कदम कभी नहीं रुके हैं. इन्हें कैसे मदद और सहयोग करें, इसे लेकर वे शुरू से ही संवेदनशील रहे हैं.

इसकी बानगी एक बार फिर आज देखने को मिली. मुख्यमंत्री आवास में पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड से पत्नी और बच्चे को लेकर आये दिव्यांग संतोष कुमार राम ने जब अपनी परेशानी बतायी तो मुख्यमंत्री ने उसे दूर करने का आश्वासन दिया.

बुधवार को सरना आदिवासी धर्म कोड का प्रस्ताव पारित होने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राष्ट्रीय आदिवासी सरना धर्म रक्षा अभियान के प्रतिनिधिमंडल ने बधाई दी है. इस मौके पर उन्होंने आदिवासी सरना धर्म के प्रतीक के रूप में मुख्यमंत्री को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया.

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मुख्यमंत्री ने आदिवासी सरना समाज द्वारा मिले सहयोग पर आभार जताते हुए कहा कि कल का दिन हम सभी के लिए काफी ऐतिहासिक था. झारखंड विधानसभा से सरना आदिवासी धर्मकोड का जो प्रस्ताव पारित हुआ है, उसे लेकर ना सिर्फ बल्कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कई इलाकों में लोग काफी उत्साहित हैं और खुशियां जाहिर कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि इस दिशा में यह पहला कदम है, हमें कई और सीढ़ियां चढ़नी है. हमें उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है कि हमने जो कदम बढ़ाएं हैं, उसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी सरना धर्मकोड को लेकर वे पिछले 15 दिनों से लगातार प्रयासरत थे. बार-बार चिंता हो रही थी कि कैसे आदिवासी सरना धर्मकोड का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराकर केंद्र सरकार को भेजा जाए. इसके लिए लगातार विचार विमर्श करता आ रहा था. लेकिन बुधवार को विधानसभा से आदिवासी सरना धर्म कोड का प्रस्ताव पारित होने पर सुखद अनुभूति हो रही है.

हेमंत ने कहा कि सरना आदिवासी धर्मकोड का प्रस्ताव तो झारखंड विधानसभा से पारित करा लिया गया है,,लेकिन अभी कई लड़ाइयां लड़नी है. केंद्र सरकार से इसे हर हाल में लागू कराना है ताकि आगामी जनगणना में इसे शामिल किया जा सके.

इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार कर ली है. आदिवासी सरना समाज को उसका हक और अधिकार मिले, इसके लिए हमारे कदम कभी नहीं रुके हैं. हम आगे बढ़ते ही रहेंगे.

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