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झारखंड-बिहार बॉर्डर पर पत्थर और बालू माफिया का चल रहा राज, हेमंत सरकार की भूमिका संदिग्धः बाबूलाल

बिहार के सीएम नीतीश कुमार से की गयी कार्रवाई की मांग

Ranchi : भाजपा विधायक दल के नेता व पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने झारखंड-बिहार बॉर्डर पर पत्थर और बालू माफिया का राज चलने का आरोप लगाया है. मंगलवार को उन्होंने इस संबंध में हेमंत सोरेन सरकार की भूमिका पर सवाल भी उठाये. साथ ही बिहार के सीएम नीतीश कुमार को चिट्ठी लिखी. कहा कि झारखंड के साहेबगंज से बिहार के मनिहारी के बीच गंगा में फेरी सेवा से मालवाहक ट्रकों व वेसेल्स से अवैध पत्थर और बालू की दुलाई हो रही है. मामले में उचित कार्रवाई करें.

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गैरकानूनी तरीके से जारी है कारोबार

बाबूलाल मरांडी के मुताबिक साहेबगंज फेरी सेवा के ठेके का आबंटन बारी-बारी से बिहार और झारखंड सरकार करती है. वर्तमान समय में यह ठेका बंदोबस्ती झारखंड सरकार द्वारा किया गया है. सूचना है कि साहेबगंज जिला प्रशासन की ओर से नियमानुसार जांचोपरांत दो मालवाहक और दो पैसेंजर वेसेल्स को परमिट निर्गत किया गया है.

परन्तु वहां मालवाहक और पैसेंजर परिवहन को मिला कर गैरकानूनी तरीके से दस वेसेल्स चलाये जा रहे हैं. ऐसे वेसेल्स की न तो तकनीकी जांच हुई है और न ही इन्हें चलाने की अनुमति दी गयी है.

इन वेसेल्स पर बिना वाजिब कागजात के ही ओवरलोडेड पत्थर और बालू लदे ट्रक पार कराये जा रहे हैं. यह बड़े खतरे की घंटी को आमंत्रण दे रहा है.

किसी बड़ी अनहोनी से भी इंकार नहीं किया जा सकता है. यदि किसी तरह की अनहोनी बिहार के क्षेत्र में होती है तो इसकी चर्चा राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगी.

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राजस्व का घाटा

ठेका बंदोबस्ती में साहेबगंज के समदा घाट से मनिहारी के लिए ही वेसेल्स चलाना अधिकृत है. लेकिन माफिया समूह अपनी सुविधा के अनुसार साहेबगंज गरम घाट से उस पार बिहार में भी गैर कानूनी तरीके से दियारा क्षेत्र में एक अलग घाट बना रखा है जहां से अवैध वेसेल्स का आवागमन करवाता है.

इस पूरे खेल में सुनियोजित तरीके से एक संगठित गिरोह काम कर रहा है जिसका काम बिना कागजात वाले अवैध मालवाहक ट्रकों और वेसेल्स से अवैध पत्थर और बालू की दुलाई करवा कर मोटे रकम की वसूली करना है.

इस कार्य में हेमन्त सरकार की भूमिका संदेह के घेरे में है. इससे राज्य सरकारों के राजस्व के रूप में होने वाली आय की भी भारी क्षति हो रही है.

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