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श्रीनगर: जुमे की नमाज को ध्यान में रखते हुए नये सिरे से प्रतिबंध लागू

Srinagar: शहर के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को नये सिरे से पाबंदियां लागू कर दी गयी हैं. अधिकारियों ने बताया कि जुमे की नमाज के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बरकरार रखने के लिए ये प्रतिबंध लागू किये गये हैं.

उन्होंने कहा कि ये पाबंदियां सौरा थानाक्षेत्र के तहत आने वाले अंचर इलाके और नौहट्टा थाने के ऐतिहासिक जामिया मस्जिद के आस-पास के इलाकों में लगायी गयी है.

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भीड़ का फायदा उठाने की आशंका

अधिकारियों ने घाटी के संवेदनशील इलाकों में शुक्रवार को इस आशंका के आधार पर पाबंदियां लगानी शुरू कर दीं कि निहित स्वार्थी तत्व विरोध भड़काने के लिए बड़ी मस्जिदों और दरगाहों पर जमा भीड़ का फायदा उठा सकते हैं.

जामिया मस्जिद में पिछले दो महीने से अब तक जुमे की नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं दी गयी है. जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की केंद्र सरकार की पांच अगस्त की घोषणा के बाद कश्मीर घाटी में उसी दिन प्रतिबंध लगा दिये गये थे.

समय के साथ घाटी में स्थिति सुधरने के साथ ही प्रतिबंधों को कई चरणों में हटाया गया. इस बीच शुक्रवार को लगातार 75वें दिन घाटी में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा. 

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जनजीवन प्रभावित

अधिकारियों ने बताया कि सुबह में कुछ घंटों के लिए दुकानें खुली लेकिन मुख्य बाजार और अन्य कारोबारी संस्थापन बंद रहे. साथ ही शहर में और कश्मीर के अन्य हिस्सों में निजी वाहन बिना किसी बाधा के आते-जाते रहे. हालांकि सार्वजनिक परिवहन के अन्य माध्यम सड़कों से नदारद रहे.

स्कूल और कॉलेज भले ही खुले लेकिन बच्चे घर पर ही रहे क्योंकि सुरक्षा के चलते उनके माता-पिता उन्हें घर पर ही रख रहे हैं. मोबाइल सेवाएं सोमवार को बहाल कर दी गईं थी लेकिन एसएमएस सुविधाओं को एक बार फिर बंद कर दिया गया. घाटी में इंटरनेट सेवाएं अब भी बंद हैं.

ज्यादातर शीर्ष अलगाववादी नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया है जबकि दो पूर्व मुख्यमंत्रियों- उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को या तो हिरासत में लिया गया है या नजरबंद कर रखा गया है. वहीं अन्य पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला को विवादित लोक सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है. 

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