
Ranchi: राज्य में सोलर पार्क योजना पिछले तीन साल से फाइलों में पड़ी है. पार्क बनाने के लिये राज्य के किसी जिले में जमीन नहीं मिल पायी है. झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी की मानें तो योजना पूरी करने में सबसे बड़ी समस्या जमीन की है. राज्य में सोलर पार्क के लिये बड़ी जमीन की जरूरत है. वो भी शहरी क्षेत्र के आसपास. कुछ जिलों में जमीन मिली है, लेकिन वो सोलर पार्क के लिये उपयुक्त नहीं है.
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पिछले साल गिरीडीह, सिमडेगा, साहेबगंज जिले में सोलर पार्क के लिये जमीन मिली थी. लेकिन जमीन पार्क के लिये उपयुर्क्त नहीं रही. जानकारी हो कि योजना केंद्र सरकार की है. जिसके तहत राज्य के पांच जिलो में सोलर पार्क तैयार करना है. फिलहाल योजना पूरी करने के लिये जमीन का सर्वे जारी है.
सिमडेगा से मिला था डेढ़ एकड़ जमीन का प्रस्ताव: पिछले तीन साल से जरेडा जिलों से जमीन की जानकारी जुटा रहा है. पिछले साल सिमडेगा जिला से डेढ़ एकड़ जमीन का प्रस्ताव जरेडा को भेजा गया. लेकिन जमीन सोलर पार्क के लिये उपर्युक्त नहीं थी. जिससे जरेडा ने दूसरी जमीन की मांग की है. रांची, गढ़वा, देवघर में भी सोलर पार्क बनाने की योजना है, लेकिन जमीन के कारण मामला रूका है. बता दें राज्य में पिछले कुछ सालों से सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है. जिसके तहत इन योजनाओं पर काम किया जा रहा है. केंद्र सरकार की एजेंसी सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की ओर से इस पर काम किया जा रहा है.
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कृषि कार्य तक होंगे सौर बिजली से: सोलर पार्क बनने से जिला की सभी जरूरत सौर उत्पादित बिजली से होगी. इसके लिये चिन्हित जमीन में सोलर पैनल से पार्कनुमा प्लांट तैयार किया जायेगा. जहां सौर बिजली का उत्पादन होगा. बता दें इस बिजली से सरकारी कार्यालयों से लेकर कृषि कार्य तक करने की योजना है.




