
Ranchi: सामाजिक अंकेक्षण स्रोत व्यक्ति संघ, झारखंड ने राज्य सरकार से मांग की है कि राज्य में फिर से मनरेगा का सामाजिक अंकेक्षण का कार्य शुरू हो. संघ ने इसके लिए आज राजभवन के समक्ष एकदिवसीय धरना भी दिया. संघ के अध्यक्ष मासूम अंसारी ने सीएम के अलावा राज्यपाल के नाम भी एक पत्र जारी किया. कहा कि मनरेगा के तहत स्थापित सामाजिक अंकेक्षण लेखा परीक्षा नियमावली 2011 के अनुसार वर्तमान सामाजिक अंकेक्षण इकाई को एक स्वतंत्र इकाई को निबंधित किया जाये. सभी ट्रेंड एवं कार्यरत स्रोत व्यक्तियों का समायोजन करते हुए सुरक्षा बीमा से संबंधित नीति बने. मनरेगा के तहत सभी मनरेगा योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण अनिवार्य है. ऐसे में मनरेगा योजनाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर प्रत्येक पंचायत में सोशल ऑडिट की प्रक्रिया फिर से शुरू की जानी चाहिये. सामाजिक अंकेक्षण कार्य कर चुके डीआरपी, बीआरपी व अन्य का बकाया भुगतान एवं यात्रा भत्ता का भुगतान जल्द से जल्द किया जाये. उन्हें अंशकालिक की बजाये पूर्णकालिक कर नियमित रूप से कार्य उपलब्ध कराया जाये. निर्धारित यात्रा भत्ता मिले. मौके पर संघ के सचिव जाकिर हुसैन और कोषाध्यक्ष हरेकृष्ण महतो सहित अन्य भी उपस्थित थे.
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