
Ranchi: उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली मिलती रहे, इसके लिये 2017 में ग्रिड और सब स्टेशन बनाने की पहल हुई थी. राज्य में 21 जगहों पर ये ग्रिड और सब स्टेशन पीपीपी मोड पर बनने थे. लेकिन 2017 से अब तक योजना अधर में लटकी हुई है. इसकी वजह है, विद्युत नियामक आयोग की ओर से अनुमति नहीं मिलना. जानकारी के मुताबिक, अब तक राज्य में जितने भी ग्रिड और सब स्टेशन बने हैं, वो केंद्र, राज्य या विश्व बैंक के फंडिंग से बने हैं.
पहली बार पीपीपी मोड में बनाने की पहल की गयी है. लेकिन पिछले दो साल से विद्युत नियामक आयोग ने इस पर अपनी सहमति नहीं दी है. नियामक आयोग की ओर से बार-बार प्रस्ताव पर सवाल खड़े किये जाते हैं. पिछले दो साल से ट्रांसमिशन और नियामक आयोग के बीच इस प्रस्ताव को लेकर यही चल रहा है. नियामक आयोग की सहमति के बाद इस पर काम शुरू किया जायेगा. हालांकि यह निर्णय पूर्व सरकार की मंत्रिपरिषद् में लिया गया था, लेकिन निगम से मामला जुड़ा होने के कारण आयोग से सहमति जरूरी है.
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कैबिनेट की बैठक में लिया गया था निर्णय
ऊर्जा संचरण निगम की ओर से एक अगस्त 2017 को इस संबध में प्रस्ताव ऊर्जा विभाग को भेजा गया. जिसके बाद 11 अगस्त को होने वाले कैबिनेट की बैठक में यह प्रस्ताव पास किया गया. 24 अगस्त को ऊर्जा विभाग की ओर से ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड को प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी.
योजना का कुल बजट 5181 करोड़ रूपये रखा गया. जिस वक्त पूर्व सरकार ने यह निर्णय लिया था, तब राज्य में 39 ग्रिड सब स्टेशन थे. जबकि वर्तमान में 43 ग्रिड सब स्टेशन है. और 24 घंटे बिजली के लिये 72 ग्रिड सब स्टेशन की जरूरत है. वहीं 9 हजार 973 किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन की जरूरत है. जिनकी कुल क्षमता लगभग 20400 एमवीए होनी चाहिये. तब राज्य में 24 घंटे बिजली मिलेगी.
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दो सब स्टेशन को केंद्र सरकार ने किया रिजेक्ट
21 में से दो ग्रिड सब स्टेशन निर्माण के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने रिजेक्ट कर दिया है. ऐसे में अब नियामक आयोग की ओर से इस योजना पर सहमति मिलने के बाद ऊर्जा संचरण को 19 ग्रिड सब स्टेशन और इससे संबधित ट्रांसमिशन लाइन बनायी जायेगी. रिजेक्ट होने वाले चंद्रपुरा विष्णुगढ़ और डोमचांच जमुआ ट्रांसमिशन लाइन है. जिन स्थानों में ग्रिड सब स्टेशन बनने हैं उनमें चांडिल, बेड़ो, नोवामुंडी, खूटी, दुमका, कोडरमा, सरवल, जादूगोड़ा, तमाड़, मांडर, पालोजारी, सिमडेगा, जसीडीह, पतरातु, हजारीबाग, गोमिया, बरकठ्टा, तोपचांची, चंद्रपुरा, डोमचांच और बलियापुर है.
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