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कांके में बने 18 करोड़ के स्लॉटर हाउस पर लगा ग्रहण, कभी भी बोरिया-बिस्तर बांध गुल हो सकती है संचालक कंपनी

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Ranchi : रांची के कांके में 18 करोड़ रुपये की लागत से बने स्लॉटर हाउस का कार्य देख रही कंपनी ‘माइक्रो ट्रांसमिशन सिस्टम’ संभवतः बोरिया-बिस्तर बांध कभी भी काम छोड़ सकती है. ऐसा इसलिए, क्योंकि रांची नगर निगम अभी तक शहर की विभिन्न जगहों पर धड़ल्ले से मीट बेच रहीं दुकानों को बंद कराने में सफल नहीं हो सका है. इसके कारण इन दुकानों में ही खस्सी काटकर मीट बेचा जा रहा है और इस स्लॉटर हाउस में खस्सी की स्लॉटरिंग नहीं हो पा रही है. इससे इसका संचालन कर रही कंपनी माइक्रो ट्रांसमिशन सिस्टम की कमाई पर ग्रहण लग गया है. ऊपर से कंपनी को स्लॉटर हाउस के मेंटेनेंस पर हर माह करीब 13 से 14 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है.

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सभी मीट शॉप बंद करायेगा निगम, इसी शर्त पर स्लॉटर हाउस का काम संभाला था कंपनी ने

कंपनी से जुड़े अधिकारी ने न्यूज विंग से बातचीत में बताया कि अभी भी शहर के कई इलाकों में खुलेआम मीट कटाई का कार्य चल रहा है. कंपनी ने फरवरी में इसी बात पर स्लॉटर हाउस का काम संभाला था कि शहर के सभी ऐसे मीट शॉप को निगम बंद करा देगा, लेकिन ऐसा अभी तक कुछ नहीं हुआ. कर्मचारी के मुताबिक, कंपनी को हर माह करीब 14 लाख रुपये तक मेंटेनेंस खर्च उठाना पड़ रहा है, लेकिन फायदा कुछ भी नहीं हो रहा है. अगर ऐसी ही स्थिति रही, तो कंपनी सितंबर माह के मध्य तक इस काम को छोड़ने पर विचार कर सकती है.

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स्लॉटर हाउस में लगी हैं अत्याधुनिक मशीनें

मालूम हो कि रांची नगर निगम ने स्लॉटर हाउस वेटरिनरी कॉलेज कैंपस कांके में तैयार किया है. इसे बनाने में कुल 18 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं. यह एक मॉडर्न स्लॉटर हाउस है. इसमें हाइजीनिक मांस तैयार करने के लिए अत्याधुनिक मशीनें लगायी गयी हैं. हालांकि, काम शुरू होने के बाद भी यह अभी बंद पड़ा हुआ है. इसमें स्लॉटर लाइन मशीन, रेंडरिंग प्लांट, ट्रीटमेंट प्लांट लगाये गये हैं. इसकी मदद से आठ घंटे की एक शिफ्ट में एक हजार खस्सी का मीट तैयार किया जा सकता है. बताया जा रहा है कि यहां हलाल और झटका, दोनों ही तरीके से वध करने की सुविधा है. तैयार मीट की मार्केट में सप्लाई के लिए दो रेफ्रिजरेटेड वैन भी खरीदी गयी हैं.

बंद पड़े हैं मॉडर्न मीट शॉप

इस नये-नवेले स्लॉटर हाउस में कटे मीट को बेचने के लिए निगम ने शहर में कई मॉडर्न मीट शॉप बनाये थे. लेकिन, अब वे भी बंद पड़े हुए हैं. कांके स्थित इस मॉडर्न स्लॉटर हाउस में पशुओं (खस्सी और बकरे) की कटाई का कार्य जुलाई के प्रथम सप्ताह में शुरू कर दिया गया था. शुरुआत में करीब 20 खस्सी और बकरे के काटे जाने की बात कही गयी थी. काटे गये इस मीट को बाद में निगम द्वारा बने चार मॉडर्न मीट शॉप में भेजा जा रहा था, जहां से आम ग्राहकों ने इसकी खरीदारी भी की थी. उक्त चार मॉडर्न मीट शॉप कांटाटोली, बूटी मोड़, मधुकम और मोरहाबादी में बनाये गये हैं, लेकिन ये सभी मॉडर्न मीट शॉप अब बंद पड़े हैं. ऐसे में निगम ने जिस उद्देश्य से यह स्लॉटर हाउस बनाया था, उसपर ग्रहण लगता दिख रहा है.

कांके में बने 18 करोड़ के स्लॉटर हाउस पर लगा ग्रहण, कभी भी बोरिया-बिस्तर बांध गुल हो सकती है संचालक कंपनी
बंद पड़ा कांटाटोली स्थित निगम का मॉडर्न मीट शॉप.

शहर में चल रहे मीट शॉप को बंद नहीं करा सका है निगम : सुदेश झा

इधर, कंपनी ‘माइक्रो ट्रांसमिशन सिस्टम’ के मालिक सुदेश झा ने स्लॉटर हाउस के काम को छोड़ने की बात से इनकार किया है. उन्होंने न्यूज विंग से बातचीत में बताया कि कंपनी का ऐसा कोई इरादा नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया है कि स्लॉटर हाउस का मामला काफी सेंसिटिव है. फरवरी में कंपनी के कार्य संभालने के बाद भी शहर में चल रहे मीट शॉप को निगम बंद नहीं करा सका है. ऐसे में कंपनी अगले 15 से 20 दिन में निगम के ऊपर दबाव डाल यह कोशिश करेगी कि शहर के सभी मीट शॉप बंद हों, ताकि स्लॉटर हाउस में कट रहे हाइजीनिक मीट लोगों को मिल सके.

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निगम पर डाला जायेगा दबाव 

काम छोड़े जाने की संभावना को पूरी तरह से नकराते हुए कंपनी के मालिक सुदेश झा ने न्यूज विंग को बताया कि ऐसी कोई मंशा कंपनी की नहीं है. आम जनता को किसी भी आदत को छोड़ने के लिए कुछ समय जरूर लगता है. कंपनी अगले 15 से 20 दिन में धड़ल्ले से चल रहे मीट शॉप को बंद कराने को लेकर निगम पर दबाव बनायेगी. अगले दो माह में इसका सकारात्मक परिणाम भी नजर आयेगा. जल्द ही कंपनी भी दो-तीन लोगों की एक टीम बनाकर ऐसे मीट शॉप का पता लगाकर निगम को सूचित करने का काम करेगी. हालांकि, बातचीत में उन्होंने निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया. कंपनी को हर माह करीब 13 से 14 लाख रुपये का नुकसान होने की बात पर उन्होंने कहा कि अगर निगम ऐसे मीट शॉप को बंद नहीं करा पाता है, तो कंपनी सरकार के ऊपर के अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करायेगी.

क्या कहते हैं निगम के सिटी मैनेजर

पूरे मामले पर स्लॉटर हाउस का काम देख रहे सिटी मैनेजर संदीप कुमार ने कहा कि निगम ने हर तरह का सहयोग कंपनी के साथ किया है. इसमें शहर के कुछ होटलों के साथ बैठक कराना प्रमुख है. पहले भी निगम ने कंपनी से कहा था कि स्लॉटर हाउस से मीट लेनेवाले प्रथम तीन होटलों के नाम की सूची दें, लेकिन अभी तक उन्होंने ये तीन नाम निगम को नहीं दिये. कुमार ने कहा कि पूरे मामले पर उनकी नजर है.

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डिप्टी मेयर ने माना आर्थिक नुकसान पर चल रही है कंपनी

कंपनी द्वारा कांके स्लॉटर हाउस का काम छोड़े जाने की संभावना पर रांची के डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसा संभव हो सकता है, क्योंकि कंपनी आर्थिक नुकसान पर चल रही है. उनके संज्ञान में भी यह मामला आया हुआ है. उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारियों को पहले ही नसीहत दी गयी थी कि शहर में अवैध रूप से खुलेआम मीट बेच रहे मीट शॉप को सख्ती से बंद करायें. लेकिन, ऐसा नहीं हो सका. अगर कंपनी काम छोड़ती है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा. लोगों को स्वच्छ मीट नहीं मिल सकेगा, साथ ही शहर में फैल रही गंदगी को भी और बढ़ावा मिलेगा.

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