
Dhanbad: धनबाद के सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए ड्रेस की खरीद अब नहीं की जायेगी. छात्रों के लिए स्कूल ड्रेस धनबाद की महिलाएं ही तैयार करेंगी. करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य के स्कूल ड्रेस बनाने की जिम्मेदारी धनबाद के 2000 सेल्फ हेल्फ ग्रुप को दी जायेगी. इसमें 20 हजार महिलाएं शामिल होंगी. इस योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है. धनबाद जिला प्रशासन की इस योजना की जानकारी मिलने के बाद पीएमओ ने इसे पीएम की मन की बात कार्यक्रम में शामिल करने का फैसला लिया है. इसके लिए आल इंडिया रेडियो (एआईआर) की एक टीम धनबाद पहुंच चुकी है.
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ट्रेनिंग के बाद शुरू होगा स्कूल ड्रेस बनाने का काम
जानकारी के मुताबिक 2000 एसएचजी ग्रुप की महिलाओं को ट्रेनिंग देने का काम शुरु कर दिया गया है. ट्रेनिंग के लिए सेल, टाटा औऱ बीसीसीएल जैसी कंपनियों से आग्रह कर जिला प्रशासन ने सीएसआऱ मद की राशि हासिल कर ली है. इसके साथ ही 772 महिलाओं को ट्रेनिंग देने का काम पूरा कर लिया गया है. प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को स्कूली छात्रों की ड्रेस तैयार करने में लगाया जायेगा.
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नहीं लगेगा महिला समूहों का पूंजी
छात्रों की ड्रेस तैयार करने के लिए महिला समूहों को पूंजी नहीं लगानी पड़ेगी. धनबाद के डीसी एंजेयुलू ने बताया कि महिला समूहों के सामने सबसे बड़ी समस्या पूंजी और सिलाई मशीन की है. बैंकों से बात करके उन्हें सिलाई मशीन उपलब्ध कराई जा रहा है. कपड़ा खरीदने के लिए भी महिलाओं को पूंजी की जरुरत नहीं है. धनबाद के ही बड़े कपड़ा व्यवसायी उन्हें हॉलसेल रेट पर कपड़ा देंगे. व्यवसायियों को सीधे पेमेंट कर दिया जायेगा. जब महिलाएं स्कूल ड्रेस तैयार कर लेंगी, तब उन्हें ड्रेस की कीमत का भुगतान कर दिया जायेगा. महिला समूहों को कुछ नकद राशि भी दी जायेगी, ताकि वह ड्रेस में लगने वाले धागे व बटन आदि की खऱीद कर सकेंगे.




