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राजधानी के हर घर तक जलापूर्ति के लिए अमृत योजना से खर्च होंगे 267 करोड़

Ranchi : राजधानी रांची के हर घर तक जलापूर्ति के लिए नगर विकास विभाग ने दो चरणों की योजना बनायी है. यह योजना शहर में बढ़ रही आबादी को देखते हुए अगले 30 वर्षों तक हर घर में जलापूर्ति की सुविधा देने में सक्षम होगी. विभाग के मुताबिक, योजना दो चरणों में संपादित की जायेगी. पहले चरण में अमृत योजना के तहत लगभग 267 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. इसके लिए एक सप्ताह के अंदर टेंडर निकाला जायेगा. वहीं, दूसरे चरण में ट्रांजैक्शन एडवाइजर की नियुक्ति कर टेंडर प्रक्रिया संपन्न की जायेगी. दो चरण में पूरी होनेवाली इस योजना को अगले दो-तीन वर्षों में पूरा कर लिया जायेगा. यह निर्णय प्रोजेक्ट भवन स्थित नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया. इस बैठक राज्य शहरी विकास एजेंसी (सूडा), झारखंड अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (जुडको) सहित कंसल्टेंट कंपनी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे.

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राजधानी में जलापूर्ति के लिए लॉन्ग टर्म योजनाओं पर काम करने की जरूरत

बैठक में विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राजधानी में जलापूर्ति के लिए लॉन्ग टर्म और धनबाद के लिए शॉर्ट टर्म योजनाओं पर काम करने की जरूरत है. शहर में अगले 30 वर्षों तक हर घर में निर्बाध जलापूर्ति हो, इसके लिए विभाग ने दो चरणों में काम करने की योजना बनायी है. मौके पर योजना का पावर प्वॉइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) संबंधित विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया.

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जनवरी 2019 तक प्रतिदिन जलापूर्ति हो सुनिश्चित

विभागीय सचिव ने कहा कि 30 जनवरी 2019 तक दोनों शहरों में कुछ घंटे ही सही, मगर प्रतिदिन नियमित जलार्ति सुनिश्चित होना जरूरी है. इसके लिए पेयजल व स्वच्छता विभाग ने प्लान बनाया है. नगर विकास विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि इस योजना को देखें. अगर इस प्लान में कोई सुझाव देना है, तो अगले एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध करायें. सचिव ने आदित्यपुर और हजारीबाग जलापूर्ति योजना के लिए 4 सितंबर को भी टेंडर करने, रांची में दूसरे चरण की योजना को नवंबर तक टेंडर प्रक्रिया में लाने का निर्देश दिया.

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एडीबी इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट को लेकर रूपरेखा हो तैयार

बैठक में सचिव ने राज्य के कुछ शहरों जैसे रांची, धनबाद और देवघर के मुख्य मार्गों के आस-पास होनेवाले एडीबी इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट को लेकर भी रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिया. इसमें ड्रेनेज, सीवरेज, बिजली, टेलीफोन, जलापूर्ति पाइपलाइन के लिए यूटिलिटी हब का निर्माण किया जाना संभव होगा. वहीं, योजना के तहत रांची और धनबाद में 100-100 किलोमीटर और देवघर में लगभग 50 किलोमीटर की योजना बनाये जाने की बात भी उन्होंने की.

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