
Uttar pradesh: अमरोहा जिले के बावनखेड़ी गांव में अपने परिवार के सात सदस्यों को मौत के घाट उतारने वाली शबनम और उसके प्रेमी सलीम की फांसी की सजा को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा. इसके बाद राष्ट्रपति ने शबनम और सलीम की दया याचिका खारिज कर दी है. इस फैसले के बाद शबनम के चाचा और चाची सहित पूरे गांव में खुशी का माहौल है.
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शबनम की चाची कहती हैं कि हमें तो खून का बदला खून ही चाहिए. इसे फांसी जल्द हो जाए. चाची ने कहा कि उस समय अगर हम भी घर में होते तो हमें भी इसने मार डाला होता. हम घटना के बाद आधी रात में यहां पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि याचिका खारिज हो गयी, हम तो बहुत खुश हैं. अच्छा किया सरकार ने, इसे फांसी होनी चाहिए.
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वहीं, फांसी पर चढ़ाये जाने के बाद डेडबॉडी लेने के सवाल पर चाची ने कहा कि डेडबॉडी हम क्यों लेंगे? हम नहीं लेंगे. हम क्या करेंगे ऐसी लड़की की लाश लेकर? वहीं, चाचा ने कहा कि हम उस समय यहां नहीं थे. रात में दो बजे के बाद मौके पर पहुंचे थे, सब कटे हुए पड़े थे. इसने जो किया है, वो ही भरेगी. उन्होंने कहा कि दूसरा देश होता तो इसे बहुत पहले ही फांसी हो जाती.
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