
Jamshedpur : गम्हरिया प्रखंड के बीईईओ अपना वेतन तो समय पर ले लेते हैं, लेकिन शिक्षकों का वेतन हमेशा लटका कर रखते हैं. उनकी इस कारस्तानी से आजिज आकर प्रखंड के शिक्षकों ने सरायकेला के उपायुक्त से इसकी शिकायत की है. मांग की है कि बीईईओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाये और शिक्षकों का वेतन समय पर मिले, इसकी व्यवस्था की जाये. उपायुक्त को सौंपे गये ज्ञापान में शिक्षकों ने बताया है कि शैक्षणिक प्रखंड गम्हरिया एक व दो में शिक्षकों का वेतन आवंटन रहने के बावजूद भी समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है. जबकि सरायकेला जिले के अधिकांश प्रखंडों के शिक्षकों के वेतन का भुगतान महीने के पहले सप्ताह में दो सात तारीख तक हो जाया करता है. प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी लगभग हर महीने अपना वेतन विपत्र महीने की 25 तारीख तक कोषागार में जमा करा देते हैं और अपना वेतन भुगतान महीने की शुरूआत में ही करा लेते हैं. जबकि शिक्षकों का वेतन लटका कर रखे रहते हैं. जनवरी 2022 का वेतन विपत्र अभी तक कोषागार में जमा नहीं किया गया है. जबकि जिले के अन्य प्रखंडों के शिक्षकों का वेतन पहले सप्ताह में ही हो चुका है.
विलंब से वेतन भुगतान संवेदनशील मुद्दा होने के कारण पूर्व में भी अखिल भारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने उपायुक्त सरायकेला को ज्ञापन सौंपकर समय पर वेतन भुगतान की मांग की थी. इसके बाद उपायुक्त ने गत 13 मार्च 2017 को एक पत्र के माध्यम से स्पष्ट निर्देश दिया कि जिस प्रखंड के शिक्षकों का वेतन विपत्र महीने की सात तारीख तक कोषागार में जमा नहीं किया जाता है, तो संबंधित प्रखंड के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के वेतन निकासी पर रोक लगी रहेगी. शिक्षकों के वेतन का भुगतान होने के उपरांत ही प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के वेतन का भुगतान होगा. लेकिन, उपायुक्त के आदेश के उल्टा अपना वेतन पहले निकालकर शिक्षकों का वेतन लटकाये रखना खेदजनक है.




