
Koderma: संस्था समर्पण एवं नाबार्ड की ओर से डंडाडीह पंचायत भवन में मडुआ की खेती, प्रसंस्करण एवं मूल्यसंबर्धन विषय पर आधारित 15 दिवसीय कौशल उन्नयन प्रशिक्षण का दूसरा बैच का शनिवार को विधिवत उद्घाटन किया गया.
उद्घाटन एलडीएम महेश प्रसाद एवं नाबार्ड के डीडीएम हरिदत्त पोद्दार ने संयुक्त रूप से किया. एलईडीपी अंतर्गत आयोजित हो रहे इस प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए एलडीएम महेश प्रसाद ने कहा कि महिलाओं को फाइनेंसियल रूप से सशक्त होने की जरुरत है.
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ग्रुप से जुडी महिलाओं को बैंक ऋण देने में हिचकिचाती नहीं है. उन्होंने कहा कि पिचा-बर्गर, मेगी, नुडल्स, पोलिस वाला चावल, रासायनिक खाद व कीटनाशक देकर उगाया गया सब्जी का सेवन से आज लोगों का सेहत बिगड़ रहा है. उन्होंने सभी को महाजन से नहीं बैंक से जुड़ने एवं बीमा योजना से जुड़ने की अपील की.
डीडीएम हरिदत्त पोद्दार ने मडुवे की पौष्टिकता एवं उसके आटे से बनने वाले भोज्य पदार्थों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रकृति में जितने रंग होते होते हैं उतने सभी रंगों के अनाज हमें प्रकृति ने उपलब्ध किये हैं और सभी में अलग-अलग गुण व पोषण तत्व समाहित किये हुए हैं.
उन्होंने कहा कि महिलाएं कारीगर होती हैं. नाबार्ड और समर्पण की ओर से बस उस कारीगरी में कुछ और गुण निखारने का प्रयास किया जा रहा है.
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उन्होंने आर्थिक उपार्जन के साथ-साथ जीवन को कैसे बेहतर किया जाय इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी और कहा कि जिस तरह से हम सभी कम उम्र में रोगग्रस्त हो रहे हैं. उससे लगता है कि हम सभी को शीघ्र पारम्परिक मोटे अनाजों की तरफ लौटना होगा.
संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने कहा कि अब कोडरमा में भी झारखंडी व्यंजन मिलेगा. जिसमे मडुवे का केक, बार्ली, होर्लिक्स, बिस्कुट, आटा, लड्डू, बर्भी आदि शामिल होगा. मौके पर प्रशिक्षक राम चन्द्र महतो, राजेश कुमार, सुनील ठाकुर, सुरेन्द्र कुमार एवं पिंकी देवी आदि उपस्थित थे.
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