
- मेयर ने अधिकारियों और कुछ पार्षदों पर साधा निशाना
- स्पष्ट जवाब देने में अधिकारियों को क्यों हो रही दिक्कत
Ranchi: रांची शहर की मेयर होने के नाते मैने हमेशा जनहित की बात की है. मेरे सात वर्षों का कार्यकाल इसका प्रमाण है. मुझे यह बताने की जरूरत नहीं है कि मैने अपने कार्यकाल में क्या किया. शहर की जनता ने दूसरी बार मुझे मेयर की जिम्मेदारी सौंपी. रांची नगर निगम मेरे लिए एक परिवार की तरह है और रहेगा. ये बातें शुक्रवार को मेयर डॉ आशा लकड़ा ने कही.
उन्होंने कहा कि 19 मार्च को स्टैंडिंग कमिटी की बैठक में नगर आयुक्त की उपस्थिति में पेयजल संकट से निपटने की तैयारी पर जोन अध्यक्षों ने चर्चा की थी.
साथ ही टैंकर की खरीदारी, खराब हैंडपंप, मिनी एचवाईडीटी व डीप बोरिंग की मरम्मत समेत कई अन्य सेवा के लिए 39 लाख की योजना पारित की गई. इसी को लेकर 1 अप्रैल को वाटर बोर्ड व हेल्थ सेक्शन की बैठक बुलाई गई थी ताकि विभाग की तैयारियों का जायजा लिया जा सके.
लेकिन शीर्ष पद पर बैठे अधिकारी मीडिया में बयान दे रहे हैं कि पेयजल संकट से निपटने की सारी तैयारी पूरी हो चुकी है. अब बैठक करने की कोई आवश्यकता नहीं है. नगर आयुक्त स्पष्ट करें कि अप्रैल से जून माह तक शहरवासियों को जलापूर्ति के लिए उन्होंने क्या तैयारी की है?
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स्वहित की हो रही बात
मेयर ने कहा कि रांची नगर निगम क्षेत्र के अधिकांश पार्षद उनके समर्थन में हैं. मात्र चार-पांच पार्षद अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं. 25 मार्च को इन पार्षदों ने ही विषय से विषयांतर होकर निगम परिषद की बैठक में हंगामा किया.
27 मार्च को दोबारा बैठक बुलाई गई तो इन पार्षदों ने अपने निजी स्वार्थ से जुड़े एजेंडों पर बहस शुरू कर दी. उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त व चार-पांच पार्षद जिन पांच एजेंडों को जनहित से जुड़ा मामला बता रहे हैं, उसमें जनहित नहीं स्वहित की बात की जा रही है.
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इन मुद्दों पर उठाया सवाल
- स्ट्रीट लाइट से संबंधित कार्य पूर्व में सेलेक्टेड एजेंसी के माध्यम से कराया जाएगा या इस कार्य के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया पूरा कर नई एजेंसी का सेलेक्शन किया जाएगा. नगर आयुक्त इस बात की स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं देना चाहते?
- वार्ड-27 व 28 में सड़क व नाली निर्माण से संबंधित तीन योजनाओं की आवंटित राशि में 58 लाख रुपये की वृद्धि से संबंधित प्रस्ताव को जबरन पारित कराने पर तथाकथित पार्षद क्यों अड़े हुए हैं? रांची नगर निगम के मुख्य अभियंता तकनीकी स्वीकृति से संबंधित बिंदुओं व आवंटित राशि में की गयी लाखों रुपये की वृद्धि से संबंधित कारणों की विस्तृत जानकारी क्यों नहीं देना चाहते?
- वाटर टैक्स में वृद्धि व जल संयोजन से संबंधित राज्य सरकार की नियमावली को निगम परिषद से पारित कराकर राजस्व वसूली के लिए जुडको के माध्यम से नई एजेंसी का सेलेक्शन किए जाने की तैयारी न्यायोचित नहीं है. राज्य सरकार रांची नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप कर हमें पंगु बनाने का प्रयास कर रही है.
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