
Ghatshila : अक्सर विभिन्न बैंकों से लोगों को फोन कर क्रेडिट कार्ड के तमाम फायदों के बारे में जानकारी देते हुए प्रलोभन दिया जाता है. ठीक इसी प्रकार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मऊभंडार शाखा की ओर से अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रविंद्रनाथ सोरेन को भी लगातार फोन कर क्रेडिट कार्ड दिया गया. क्रेडिट कार्ड का बिना उपयोग किए ही साल में दो बार 5-5 सौ रुपया काट लिया गया. उन्होंने बाध्य होकर अपना क्रेडिट कार्ड बंद करने के लिए आवेदन दिया. आवेदन दिए जाने पर बताया गया कि आपका 8765 रुपया बकाया है जबकि उन्होंने अपना क्रेडिट कार्ड एक्टिव भी नहीं किया था.
मरता क्या नहीं करता. डॉ. सोरेन ने उक्त राशि को ऑनलाइन ट्रांसफर कर अपना क्रेडिट कार्ड बंद करा दिया. इसके बाद 10 दिनों के अंदर नया क्रेडिट कार्ड आ गया. नया क्रेडिट कार्ड मिलने के बाद डॉ. सोरेन इसकी सूचना देने जब बैंक गए तो बैंक में क्रेडिट कार्ड जारी करनेवाली दो महिलाकर्मी ने कहा कि आपका आउटस्टैंडिंग 9540 रुपया है. यह सुनते ही उनके होश उड़ गए. दो दिन के बाद 12 जून को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मऊभंडार शाखा की ओर से उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि आपके अकाउंट से डेबिट कर लिया गया है. मंगलवार को उन्होंने शाखा प्रबंधक सुधांशु भदानी से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज की. उन्होंने तत्काल उनसे आवेदन लेकर एक सप्ताह का समय मांगा है. एक सप्ताह के अंदर उनका पैसा वापस करने तथा पुनः दोनों क्रेडिट कार्ड बंद करने का आश्वासन दिया है.
शाखा प्रबंधक ने कही ये बात
इस संबंध में शाखा प्रबंधक सुधांशु भदानी ने पूछे जाने पर कहा कि क्रेडिट कार्ड पूरी तरह अलग विभाग है इसलिए उस संबंध में जो भी शिकायत आती है संबंधित विभाग को भेज दिया जाता है. क्रेडिट कार्ड विभागवालों से बात कर उसका निराकरण किया जाता है. यदि ऐसा हुआ है तो गलत हुआ है, जल्द से जल्द उनकी समस्या का निदान कर दिया जाएगा.
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