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जज्बे को सलामः मुन्ना और रीना ने मिलकर ठानी,  बिखेरी अपनी अंधेरी जिंदगी में रोशनी

जी हां, यह कोई ‘काबिल’ फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि दो काबिल लोगों की ट्रु स्टोरी है. नाम है मुन्ना और रीना. मुन्ना और रीना दोनों देख नहीं सकते.

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Chhaya

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Ranchi: सच्चा प्यार और एक दूसरे पर भरोसा हो, तो जिंदगी जीने का अंदाज ही बदल जाता है. फिर जीने में मजा भी आने लगता है. अपनी कमजोरी को कमजोरी न समझ कर उस कमजोरी से लड़ना एक मजबूत शख्सियत की निशानी मानी जाती है. सुनने में अजीब लगेगा, लेकिन यह सच है कि एक ऐसा शख्स जिसने जीवन में रोशनी कभी देखी ही नहीं. उसने अपनी जिंदगी में रोशनी बिखेरने के लिए अपने ही जैसे शख्स का हाथ थामा. जी हां, यह कोई ‘काबिल’ फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि दो काबिल लोगों की ट्रु स्टोरी है.

नाम है मुन्ना और रीना. मुन्ना और रीना दोनों देख नहीं सकते. लेकिन अब उन दोनों ने एक-दूसरे के जज्बात से दुनिया देखने और बाकी का जीवन साथ रहने की ठानी है. ये रियल लाइफ की कहानी बोकारो जिले के गोमिया की है. हीरो हैं मुन्ना और उनका साथ दे रही हैं रीना. हाल ही में दोनों परिणय सूत्र में बंधे हैं.

कभी हिम्मत नहीं हारी

जन्म से ही रीना और मुन्ना देख नहीं सकते हैं. लेकिन अपनी अक्षमता को कभी भी इन्होंने खुद पर हावी नहीं होने दिया. रीना गोमिया के होसिर पूर्वी पंचायत निवासी हैं. जब घरवालों को जानकारी हुई कि रीना देख नहीं सकती, तब परिवार में भले मायूसी हो. लेकिन अब वहीं रीना दिव्यांगता को पछाड़ ऐसी जिंदगी जी रही है जो एक आम इंसान जीता है. वहीं मुन्ना के घर की स्थिति भी कुछ ऐसी थी. जिंदगी में अंधेरा होने के बावजूद दोनों ने उच्च शिक्षा हासिल की. मुन्ना बिहार के जहानाबाद के रहने वाले है. रीना और मुन्ना दोनों वर्तमान में अलग-अलग बैंक में कलर्क की नौकरी कर रहे हैं.

रीना दिल्ली के पंजाब नेशनल बैंक में तो मुन्ना दिल्ली के बैंक ऑफ इंडिया में क्लर्क हैं. परिवारवालों से जानकारी मिली कि ब्रेल लिपि से दोनों ने उच्च शिक्षा हासिल की है. वहीं रीना हमेशा से पढ़ने में काफी होशियार रहीं. स्कूली शिक्षा हमेशा उसने अच्छे नंबरों से पास की. अपनी काबिलियत के कारण ही दोनों ने नौकरी भी हासिल की.

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परिवार वालों को देते थी सांत्वना

परिवार वाले शुरू से रीना के भविष्य को लेकर काफी चिंता करते थे. माता-पिता को यही चिंता सताती थी कि उनके बाद रीना का क्या होगा. लेकिन रीना हमेशा परिवाल वालों को सात्वनां देती थी कि उसके लिए भविष्य में जो होगा, सो बेहतर होगा. परिवार वाले बताते है कि रीना बचपन से मजबूत इरादों की थी. कभी भी किसी मुसीबत से उसने हाथ नहीं खींचे. परिवार वाले कहते हैं कि खुद के हौसले के कारण रीना ने शिक्षा दीक्षा पूरी की, फिर नौकरी. और अब जीवनसाथी भी ऐसा ही मिला कि उसे जिंदगी भर किसी चीज में कम होने का एहसास नहीं होगा. दोनों ने परिवारों की रजामंदी से शादी की है.

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