
Ranchi/Gumla: गुमला जिले में पिछले वर्ष (2023) की तुलना में इस वर्ष (2024) सड़क दुर्घटनाओं में 14.29% की वृद्धि हुई है. बुधवार को जिले के डीसी कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा के संबंध में एक विशेष समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया था. इसमें जनवरी 2024 से अक्टूबर 2024 तक हुई सड़क दुर्घटनाओं और उनसे संबंधित आंकड़ों की गहन समीक्षा की गई. इस दौरान यह बात निकल कर आयी कि जिले में दुर्घटनाओं के मुख्य कारण ओवरलोडिंग, ओवरस्पीड, रैश ड्राइविंग, नशे में वाहन चलाना, नाबालिगों द्वारा वाहन चालन, एवं यातायात नियमों का पालन न करना शामिल है. टू-व्हीलर चालकों से जुड़े 119 दुर्घटनाओं के मामले विशेष तौर पर सामने आए, जिनका मुख्य कारण तेज गति और यातायात नियमों का उल्लंघन था.
10 महीने में 184 रोड एक्सीडेंट
जनवरी से अबतक (अक्टूबर 2024) की अवधि में गुमला में कुल 184 सड़क दुर्घटनाओं के मामले सामने आए. इनमें 176 दुर्घटनाएं घातक रहीं. इसके अतिरिक्त 45 प्रमुख केस रहे और 2 मामूली चोट के मामले दर्ज किए गए.
परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्ती दिखाते हुए जनवरी से अक्टूबर तक 459 नागरिकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए. इनमें 11 मामले ओवरलोडिंग, 21 ड्रिंक ऐंड ड्राइव और 404 मामले बिना हेलमेट वाहन चलाने के थे. नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए इस वर्ष 3012 नए ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को सड़क सुरक्षा पर काउंसलिंग दी गई.
डीसी ने दिए निर्देश
बैठक के दौरान गुमला डीसी ने दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु अहम निर्देश दिए. ब्लाइंड स्पॉट्स की पहचान करने को कहा. कहा कि उन नए स्थानों को चिह्नित किया जाए जहां बार-बार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं. सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें. हेलमेट उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जांच अभियान को और सख्त किया जाए. दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान की जाए. यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं. बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी, गुमला सहित परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे.




