
Ranchi : राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स में सेंट्रल लैब को हाइटेक बनाया गया. जहां पर करोड़ों रुपये की 6 मशीनें लगायी गयी हैं. जिससे हॉस्पिटल में इलाज के लिए आनेवाले मरीजों को किसी भी तरह के पैथोलॉजी टेस्ट के लिए बाहर न जाना पड़े. वहीं लोगों को टेस्ट के लिए ज्यादा पैसे भी खर्च न करना पड़े. लेकिन इसके उलट स्थिति यह हो गयी है कि मशीन में टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला 5 हजार रुपये का रीएजेंट भी प्रबंधन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है. ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं टेस्ट कराने के लिए मेडाल और प्राइवेट लैब की दौड़ लगाने के अलावा कोई चारा नहीं है.
इसे भी पढ़ें:भारत के अमन ने Google की 280 गलतियां निकालीं, मिला ₹ 65,00,00,000 का इनाम, गुगल ने बताया टॉप रिसर्चर
अक्टूबर में भी था ट्रायल मोड में
6 अक्टूबर को रिम्स में सीएम हेमंत सोरेन ने इस मशीन के अलावा कई अन्य सुविधाओं का उद्घाटन किया था. इसके बाद से ही लगभग एक महीने तक लैब ट्रायल मोड में ही चलता रहा. जिससे मरीजों की परेशानी कम नहीं हुई. इसके बाद जब प्रबंधन ने रीएजेंट उपलब्ध कराया तो मरीजों का टेस्ट शुरू हो गया.
अब पिछले एक महीने से फिर पहले वाली स्थिति हो गयी है. रीएजेंट नहीं होने के कारण टेस्टिंग घट कर 400 से 100 पर आ गयी है.
इसे भी पढ़ें:राज्यपाल ने चित्रकारों को सम्मानित किया, कहा-चित्रकारी के जरिये झारखंड की समृद्ध कला और विरासत को दर्शाया है
हाइकोर्ट ने लगायी थी फटकार
हाइकोर्ट की लगातार फटकार के बाद रिम्स में होनेवाली जांच को बढ़ावा देने के लिए पैथोलॉजिकल लैब का एक्सटेंशन किया गया था, जिससे वहां 100 तरह की जांच हो सकेगी. लैब का संचालन पैथोलॉजी विभाग, बायोकेमेस्ट्री विभाग, माइक्रोबायोलॉजी विभाग और लैब मेडिसिन कर रहा था.
इस लैब में ब्लड, यूरीन कल्चर समेत कई तरह की जांच की जा रही थी. चूंकि यहां 6 तरह से ज्यादा नयी मशीनें इंस्टॉल की गयी थीं. लेकिन सबकुछ पहले जैसा ही हो गया.
इसे भी पढ़ें:1932 के खतियान पर नियोजन और स्थानीय नीति पर राजद तैयार नहीं, भोजपुरी-मगही पर विवाद को बताया गैरजरूरी
10 हजार प्रति दिन की कैपेसिटी
न्यू ट्रामा सेंटर में बनाये गये सेंट्रल लैब में हाइटेक मशीनें लगायी गयी हैं. जहां एक दिन में 10 हजार सैंपल टेस्ट करने की सुविधा है. वहीं हर घंटे 400 सैंपल की टेस्ट कर उसकी रिपोर्ट भी जारी की जा सकती है.
इस सुविधा से मरीजों को रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता. वहीं हर आधे घंटे में मरीजों की रिपोर्ट जारी की जा सकती है. लेकिन आज तो मुश्किल से 100 सैंपल की टेस्टिंग हो रही है.
सर्जन सह पीआरओ डॉ डीके सिन्हा ने कहा कि टेस्टिंग बंद होने को लेकर फिलहाल कोई जानकारी नहीं है. अगर विभाग के इंचार्ज से कोई जानकारी मिलती है तभी कुछ बता सकता हूं.
इसे भी पढ़ें:अगर पत्नी़ जिद पर अड़े और अभद्र व्यवहार करे तो पति उसके साथ 3 दिन तक न सोएं; ना माने तो करें पिटाई : महिला मंत्री




