न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

नियमों के विरुद्ध जलापूर्ति पंप और मोटर खरीदनेवाले अधीक्षण अभियंता को पांच महीने में दी गयी राहत

पेयजल और स्वच्छता विभाग की तरफ से अधीक्षण अभियंता अमरेंद्र चौधरी को किया गया आरोप मुक्त

22

Ranchi: पेयजल और स्वच्छता विभाग की तरफ से यांत्रिक अंचल के अधीक्षण अभियंता अमरेंद्र मोहन चौधरी को पांच महीने में ही राहत दे दी गयी है. अधीक्षण अभियंता पर गलत तरीके से मोटर और पंप खरीद की निविदा को अमलीजामा पहनाने का और खरीद के दौरान अधिक भुगतान करने का गंभीर आरोप लगा था. इतना ही नहीं, अपने अधीनस्थ कार्यपालक अभियंता (प्रदीप भगत) की बातों को नहीं सुनने की भी पुष्टि की गयी थी. 13 महीने पहले 3.10.2017 को विभाग की तरफ से श्री चौधरी को निलंबित कर दिया गया था. 15.5.2018 को इनके खिलाफ आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गयी थी. विभाग के संयुक्त सचिव अभय नंदन अंबष्ठ की तरफ से जारी की गयी अधिसूचना में इन्हें आरोप मुक्त कर दिया गया है.

क्या था मामला

अमरेंद्र चौधरी पर विभाग के यांत्रिक अंचल रांची में पदस्थापित रहने के क्रम में हटिया जलागार से संबंधित मोटर और पंप ख्ररीदने की निविदा आमंत्रित की गयी थी. दो करोड़ से अधिक की निविदा में पीडब्ल्यूडी कोड 2012 के शर्तों का उल्लंघन किया गया था. इतना ही नहीं, निविदा का निबटारा भी गलत तरीके से कर दिया गया. इन्होंने अपने अधीनस्थ कार्यपालक अभियंता प्रदीप भगत की बातों को भी दरकिनार करते हुए टेंडर को अंतिम रूप दे दिया. बतौर कार्यपालक अभियंता इन्होंने संबंधित कंपनी को भुगतान कराने का आदेश भी दिया. बाद में अधीक्षण अभियंता की हैसियत से अपने द्वारा किये गये भुगतान को सही भी ठहरा दिया.

विभाग की तरफ से गठित की गयी थी समिति

विभाग की तरफ से इन सभी आरोपों को सही पाते हुए क्षेत्रीय मुख्य अभियंता हीरा लाल प्रसाद की अध्यक्षता में जांच कमेटी भी गठित की गयी. कमेटी की अनुशंसा के बाद इन्हें 15 मई 2018 को निलंबन मुक्त करते हुए विभागीय कार्रवाई की गयी. अब विभागीय कार्रवाई से इन्हें मुक्त कर दिया गया.

इसे भी पढ़ेंःलेबर कोर्ट पहुंचा इंडिकोन-वेस्टफालिया की बिक्री का मामला

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: