
Ranchi: पैसे के अभाव का खामियाजा अंतत: मनरेगा कर्मी को भुगतना पड़ा है. बुधवार को इलाज के अभाव में मनरेगा अंतर्गत कार्यरत गिरिडीह जिला के धनवाद प्रखंड के ग्राम रोजगार सेवक रंजित कुमार राम का निधन हो गया. कई दिनों से वे बीमार चल रहे थे, लेकिन पैसे के अभाव में वे इलाज नहीं करा पा रहे थे. अस्पताल जाने के क्रम में उनकी मौत हो गयी. उनकी मौत पर मनरेगा कर्मचारी संघ के पदाधिकारी उनके आवास जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

अनिश्चिकालिन हड़ताल की वजह से मनरेगा कर्मियों पर 22 जुलाई से नो वर्क नो पे लागू है. इधर, रोजगार सेवक की मौत के बाद राज्यभर के मनरेगा कर्मी काफी आक्रोशित हो गये हैं. तड़के सुबह से ही वे सूबे के ग्रामीण विकास मंत्री डॉ.इरफान अंसारी के रांची के धुर्वा स्थित आवास का घेराव कर दिए हैं. सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं. मृत रोजगार सेवक के परिजनों को मुआवजा, नौकरी इत्यादि दिलाने की भी मांग कर रहे हैं. बता दें कि मनरेगा कर्मी सेवा नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालिन हड़ताल पर हैं.





