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Jammu-Kashmir: आतंकियों के साथ मुठभेड़ में एक जवान और दो पुलिसकर्मी घायल

दोनों ओर से जारी फायरिंग के बीच फंसा घायल पाकिस्तानी आतंकवादी जिया मुस्तफा

Srinagar : जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में सुरक्षाबलों द्वारा पाकिस्तानी आतंकवादी जिया मुस्तफा को आतंकी ठिकाने का पता लगाने पुंछ जिले के भाटा दुरियन ले जाया गया. इस दौरान आतंकियों की ओर से भारी गोलीबारी की गई, जिसमें एक जवान और दो पुलिस कर्मी घायल हो गए. आतंकी जिया मुस्तफा को भी चोटें आईं हैं. पुलिस ने बताया है कि भारी गोलीबारी के कारण मुस्तफा को भाटा दुरियन से निकाला नहीं जा सका है.

सूत्रों के अनुसार जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन से संबंधित पाकिस्तानी आतंकी जिया मुस्तफा जो पिछले 14 वर्षों से जम्मू की कोट भलवाल जेल में बंद था, पुलिस भाटा धुरियां के घने जंगलों में ले गई. यह आंतकी लगातार पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में था. उसे भाटा धुरियां इलाके में मौजूदा आतंकियों की पनाहगाहों बारे पूरी जानकारी थी, जैसे ही आतंकी को भाटा धुरियां के जंगलों में ले जाया गया तो वहां छिपे आतंकियों ने पुलिस और सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी.

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हाल में सेना के नौ लोग हो चुके हैं शहीद

जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक सुरक्षाबलों की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई. पुलिस ने बताया कि तलाशी के दौरान जब टीम भाटा दुरियन में ठिकाने के पास पहुंची, तो आतंकवादियों ने अचानक पुलिस और सेना के जवानों की संयुक्त टीम पर फिर से गोलियां चलाईं. जम्मू कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में आतंकवाद विरोधी अभियान का आज 14 वें दिन भी जारी है. दरअसल, पिछले सप्ताह इन जंगलों में छिपे आतंकवादियों के दो अलग-अलग हमलों में सेना के नौ कर्मी शहीद हो गये थे.

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आतंकियों के खात्मे को लेकर चलाया जा रहा अभियान

दरअसल, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ भारतीय सेना का ऑपरेशन जारी है. इस बीच आतंकवादियों से मुठभेड़ में एक जवान और दो पुलिस कर्मी घायल हो गए. इससे पहले सेना के साथ जारी मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया था. वहीं दो और जवान घायल हुए थे. इस इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित घोषित करने और आतंकियों के खात्मे को लेकर सेना की ओर से सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं.

जवानों की कोशिश है कि जल्द से जल्द इलाके में छुपे हुए आतंकियों को गिरफ्तार करके भय मुक्त घोषित कर दिया जाए. पुंछ में इस ऑपरेशन की शुरुआत 11 अक्टूबर को हुई थी. जब सुरनकोट तहसील की डेरा की गली इलाके में खुफिया सूचना के आधार पर चलाए जा रहे तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ शुरू हुई, जिसमें एक जेसीओ समेत पांच जवान शहीद हो गए थे.

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