
Ranchi : आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने हेमंत सरकार पर राज्य की भाषाई पहचान मिटाने का आरोप लगाया है. सोमवार को उन्होंने कहा कि अबुआ देश, अबुआ राज के ध्येय के साथ झारखंड का सपना यहां के लोगों ने देखा था. इस पर लगातार हमला हो रहा है.
सुदेश ने कहा कि सरकार की नीतियां यहां की पहचान और अस्मिता पर चोट कर रही हैं. सरकार की नियुक्ति नियमावली हो या जिलावार भाषा का चयन, यहां के भूमिपुत्रों के हक-अधिकार को छीनने वाली हैं. 1932 खतियान लागू कर यहां के लोगों को हक यह सरकार नहीं दिला पा रही है. इससे झारखंड के आम आवाम में आक्रोश है. आजसू पार्टी की पृष्ठभूमि, इसके संघर्ष का इतिहास ऐसी परिस्थिति में इसे चुप रहने की इजाजत नहीं देता.
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माटीपुत्रों पर चौतरफा हमला
सुदेश महतो के मुताबिक आज झारखंड के नौजवानों, माटीपुत्रों पर चौतरफा हमला हो रहा है. जिलावार भाषा का चयन सरकार ने बेतुका किया है. यह अवैज्ञानिक और अतार्किक है. सरकार यहां के लोगों के साथ न्याय करना ही नहीं चाहती है. झारखंड के जिलों में भाषाई घुसपैठ हुई है. झारखंडी भाषा, क्षेत्रीय भाषा पर केवल हमला नहीं हो रहा बल्कि यह राज्य के वजूद को मिटा देने की साजिश है. अब यह आक्रोश सड़कों पर दिख रहा है. आजसू पार्टी इस लड़ाई को आगे लेकर जाएगी.
उन्होंने कहा कि भाषा, संस्कृति पहचान के लिए लड़ने वाली आजसू पार्टी झारखंड के सपनों को बिखरने नहीं दे सकती. सरकार तत्काल जिलावार चयन की गई भाषाओं को हटाये. नए सिरे से यहां के लोगों के साथ संवाद करे और क्षेत्रीय भाषा विशेषज्ञों के साथ बातचीत कर एक खाका तैयार करे. राज्य सरकार किसी भाषा को लोगों पर थोप नहीं सकती.
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