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वैक्सीनेशन पर रारः झामुमो ने कहा- भाजपा नेताओं पर पैनडेमिक एक्ट के तहत होगा एक्शन, भाजपा ने कहा- चौपट हो चुकी है व्यवस्था

Ranchi : झारखंड में वैक्सीनेशन को लेकर राजनीति उबाल पर है. भाजपा नेताओं के मुताबिक राज्य में वैक्सीन के 37 फीसदी से अधिक डोज बर्बाद हो गये हैं. सांसद दीपक प्रकाश ने हेमंत सरकार में व्यवस्था चौपट होने का आरोप लगाया है.

देश में वैक्सीन की सर्वाधिक बर्बादी झारखंड में होने की बात कही है. झामुमो ने भी जवाबी हमला बोलते हुए कहा कि हेमंत सरकार की लोकप्रियता से भाजपा के साथ-साथ केंद्र सरकार भी बेचैन हो गयी है. बुधवार को केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने मीडिया को कहा कि भाजपा भ्रम फैलाने में लग गयी है. ऐसे में अब आने वाले समय में राज्य सरकार भाजपा नेताओं के खिलाफ पैनडेमिक एक्ट के तहत लीगल एक्शन ले सकती है.

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महज 4 फीसदी का नुकसान

सुप्रियो भट्टाचार्य के मुताबिक 55 लाख डोज राज्य को मिले हैं. 40 लाख 12 हजार 142 लोगों को वैक्सीनेट कर दिया गया है. 40 में से 35 लाख 32 हजार 272 को पहला डोज मिल चुका है. 6 लाख 84 हजार को दोनों मिला है. यानी 40 लाख से अधिक को वैक्सीन लगायी जा चुकी है. अभी अलग-अलग जिलों में 6 लाख 56 हजार डोज हैं. जिलों को 48 लाख से अधिक का वितरण किया गया था.

अभी के हिसाब से वैक्सीन का महज 4 प्रतिशत ही नुकसान हुआ है. सरकार मानती है कि वैक्सीन बर्बाद नहीं होना चाहिए. पर राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के साथ-साथ शहरों में भी वैक्सीन को लेकर गलतफहमियां औऱ दूसरी समस्याएं हैं. अब सरकार सजग है. पर भाजपा नेता झूठे आंकड़ों के जरिये लोगों में भ्रम फैलाने में लगे हैं.

सुप्रियो भट्टाचार्य के मुताबिक राज्य सरकार सभी जरूरतमंदों के लिए वैक्सीन की खरीद करने में लगी है. इसके लिए ग्लोबल टेंडर करना चाहती है. साथ ही रेमडेसिविर, ब्लैक फंगस के लिए भी दवाईयां लेने की तैयारी है पर केंद्र सरकार इसमें अड़ंगा लगा रही है.

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राज्य अब ऑक्सीजन उत्पादक प्रदेश हो गया है तो भाजपा नेताओं को चिढ़ हो रही है. पिछली सरकार में एक भी प्लांट नहीं लगाया गया था. पिछले डेढ़ साल में वर्तमान सरकार ने हर जिले में व्यवस्था कर लगभग हर जगह को आत्मनिर्भर बनाया है. केंद्र सरकार लोगों की मांगों के अनुरूप कृषि कानून को वापस नहीं ले रही. 80 रुपये का तेल 200 से अधिक में बेच रही.

पेट्रोल, डीजल भी 100 से ऊपर है. आज देश का हर मजदूर, किसान केंद्र के खिलाफ काला दिवस मना रहा है. तीन कृषि कानूनों को अनैतिक तरीके से लाया गया. यह ऐतिहासिक संघर्ष है. यह आजादी के बाद सबसे लंबा सत्याग्रह है.

चौपट व्यवस्था का खामियाजा भुगत रहे लोगः दीपक प्रकाश

सांसद दीपक प्रकाश ने हेमंत सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया है. बुधवार को कहा कि हेमंत सरकार बोल बच्चन की भूमिका में है. सरकार की कार्य व्यवस्था के कलपुर्जे दम तोड़ चुके हैं. यही कारण है कि देश में वैक्सीन की सर्वाधिक बर्बादी झारखंड में हुई. केंद्र सरकार द्वारा भेजे गये जीवन रक्षक वैक्सीन की बर्बादी में देश में अव्वल स्थान झारखंड का है.

37.3 फीसदी यानी 100 में से 37 वैक्सीन बर्बाद करने का काम हेमंत सरकार और उनकी सरकारी व्यवस्था ने किया है. यह वैक्सीन की बर्बादी नहीं, बल्कि झारखंड की आम जनता की जान से खिलवाड़ है. राज्य सरकार वैक्सीन के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रही है. दूसरी ओर वैक्सीन की बर्बादी में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही. यदि सरकार व्यवस्था पर ध्यान देती तो इसका लाभ झारखंड की आम जनता को मिलता.

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