JharkhandLead NewsRanchi

बच्ची के साथ दुष्कर्म एवं हत्या के एक और मामले में हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को उम्र कैद में बदला

Rana Pratap Singh
Ranchi. तीन साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में फांसी के सजायाफ्ता की अपील और फांसी की सजा को कंफर्म करने को लेकर सरकार की अपील पर झारखंड हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इसे रेयरेस्ट का रेयर की श्रेणी में नहीं मानते हुए फांसी की सजा को उम्र कैद में बदला है. वही विशेष लोक अभियोजक विनीत कुमार वशिष्ठ के विरोध को देखते हुए हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अपीलकर्ता बंधन उरांव की फांसी के सजा के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया. गुमला की निचली अदालत ने बंधन उरांव को फांसी की सजा सुनाई थी. साथ ही उसपर 10 हजार रूपए अर्थ दंड भी लगाया था. बता दे की बीते दिनों दुमका में 3 वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म एवं हत्या के एक मामले में कोर्ट ने फांसी की सजा को उम्र कैद में बदला था.

क्या है मामला
गुमला जिले के पुसो थाना क्षेत्र में 23 सितंबर 2018 को तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई थी. जिसके बाद परिजनों ने 24 सितंबर 2018 को अपने ही गांव के बंधन उरांव नामक एक 20 वर्षीय युवक पर बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या करने का मामला दर्ज कराया था.परिजनों ने पुसो थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि उनकी तीन साल की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी. जिसे पड़ोस का रहने वाला बंधन उरांव नामक एक युवक ने अपने हवस का शिकार बनाया. 3 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म कर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी. जिसकी जानकारी के बाद परिजनों ने थाना में आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था.

घटना के करीब 6 माह बाद किया गया था दोषी करार
पुसो थाने में परिजनों ने बंधन उरांव के विरुद्ध कांड संख्या 9/18 , 24 सितंबर 2018 को दर्ज कराया था. इसके अन्तर्गत भादवि की धारा 376AB, 302 औैर पोक्सो एक्ट 4 और 5 के अन्तर्गत मामला दर्ज हुआ था. घटना के करीब छह महीने में ही जज ने बंधन उरांव को दोषी सिद्ध किया गया था.

Related Articles

Back to top button