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पलामू : गलत परामर्श से हुई रोगी की मौत, फर्जी डॉक्टर दंपती गिरफ्तार, क्लीनिक सील

Palamu : पलामू जिले में फर्जी डॉक्टर के गलत परामर्श से एक रोगी की जान चली गयी. इसके बाद मामले को भूख से मौत का रंग दे दिया गया.

भूख से मौत की जानकारी होते ही प्रशासन हरकत में आया और जांच की. जिले के उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि के निर्देश पर जिले के सीएस डॉ जॉन एफ कनेडी, छत्तरपुर के एसडीओ एनपी गुप्ता और आपूर्ति पदाधिकारी अमित प्रकाश ने मामले की जांच की तो इसमें फर्जी डाक्टर की कारस्तानी उजागर हुई.

सीएस के निर्देश पर कथित महिला-पुरुष डाक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है. क्लीनिक को सील कर दिया गया है और मौके से कई सामान जब्त किये गये हैं.

जिले के सीएस डॉ कनेडी ने बताया कि दो दिन पूर्व हरिहरगंज के सतगांवा निवासी पुनीत पासवान अपना इलाज कराने के लिए स्थानीय विशाल लकवा अस्पताल में गया था.

फर्जी डाक्टर प्रमोद कुमार ने रोगी को देखते हुए उसका इलाज करने के बजाय उसे गंभीर बीमारी से ग्रसित बता दिया और यूपी के वाराणसी जाकर इलाज कराने की सलाह दे दी.

आर्थिक रूप से कमजोर पुनीत इससे काफी डर गया और इलाज कराने के बजाय घर चला गया.

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इलाज के अभाव में तोड़ा दम

सीएस ने कहा कि पुनीत को अगर सही परामर्श दिया जाता तो उसका इलाज होता और उसकी जान बच सकती थी, लेकिन कथित डॉक्टर प्रमोद और उसकी पत्नी मीरा देवी ने ऐसा नहीं किया.

अगर उसे हरिहरगंज कें सीएचसी या फिर पीएमसीएच मेदिनीनगर भेज दिया जाता तो भी उसका इलाज किया जाता, लेकिन प्रमोद कुमार ने अपनी असलियत छुपाने के लिए पुनीत को यूपी के वाराणसी जाकर इलाज कराने की सलाह दे दी. नतीजा उसकी मौत हो गयी.

भूख से नहीं हुई पुनीत की मौत

सीएस ने कहा कि जब मामले को भूख से मौत का रूप दिया गया तो इस मामले में भी जांच की गयी. एसडीओ और डीएसओ के साथ जब पुनीत के घर जाकर छानबीन की तो पता चला कि कल उसने तीन रोटी खायी थी.

परिजनों ने बताया कि पुनीत लंबे समय से बीमार था. जब वह इलाज के लिए प्रमोद के क्लीनिक में गया तो उसे गलत परामर्श दिया गया.

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दो बूंद दवा से करता था लकवा, सांप और बिच्छू डंसे मरीज का इलाज

सीएस ने बताया कि प्रमोद कुमार और उसकी पत्नी खुद को पलामू के टॉप डाक्टर समझते थे. लकवा अस्पताल नाम से क्लिनिक चलाते थे. क्लिनिक में हर तरह की बीमारी का इलाज शर्तिया तरीके से करने का दावा किया जाता था.

क्लिनिक के बोर्ड पर सांप-बिच्छू के डंसने पर भी शर्तिया इलाज का दावा किया गया था. छानबीन के दौरान फर्जी दंपति डाक्टर से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि दो बूंद दवा से सांप और बिच्छू डंसे मरीज का इलाज कर देते थे. मरीज ठीक हो जाता था.

सीएस ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार किया गया है. क्लिनिक को सील कर दिया गया है और सीजर लिस्ट बनाकर कई सामान जब्त किये गये हैं.

हरिहरगंज के चिकित्सा पदाधिकारी को इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है और हरिहरगंज पुलिस से दोनों आरोपी डाक्टरों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आग्रह किया गया है.

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