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Ranchi NEWS : त्योहारों के समय में भी लगा कचरे का ढेर, निगम और एजेंसी के बीच पिस रही पब्लिक

Ranchi : राजधानी में सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए रांची नगर निगम एजेंसियों को हायर कर रहा है. इस काम के लिए करोड़ों रुपये भी फूंके जा रहे हैं. फिर भी एजेंसियां पूरे रांची शहर तो दूर गली मोहल्लों को भी ढंग से साफ नहीं कर पा रही है. इसका नतीजा यह है कि त्योहारों के समय में भी कचरा लोगों के घरों में पड़ा हुआ है.
रांची नगर निगम ने सपाई करने वाली दो एजेंसियों को पहले ही बाहर रास्ता दिखा दिया है. अब वर्तमान में काम कर रही सीडीसी एजेंसी को भी बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा. लेकिन नगर निगम और सफाई एजेंसी के बीच पब्लिक पिस रही है. टैक्स और वेस्ट यूजर चार्ज देने के बाद भी कचरा नहीं उठाया जा रहा है.

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एटूजेड और एसेल इंफ्रा को हटाया

सफाई को दुरूस्त करने के लिए नगर निगम ने दस साल में तीन एजेंसियों को हायर किया. जिसमें ए टू जेड और एसेल इंफ्रा को काम दिया गया. शुरुआत में तो दोनों एजेंसियों ने अच्छा काम किया. लेकिन जैसे-जैसे सभी वार्डों में काम उन्हें हैंडओवर किया गया तो एजेंसी की सच्चाई सामने आने लगी. काम में लापरवाही को देखते हुए उन्हें टर्मिनेट कर दिया गया. लेकिन उन्हें करोड़ों रुपए का भुगतान कर दिया गया था. आज सीडीसी का भी यही हाल है और इसके बावजूद निगम सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये भुगतान कर रहा है. फिर भी शहर में सफाई ढंग से नहीं हो पा रही है.

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चार्ज देने के बाद भी कचरे का ढेर

नगर निगम ने 53 वार्डों में वेस्ट कलेक्शन के अलावा लोगों से वेस्ट यूजर चार्ज वसूलने का भी जिम्मा सीडीसी को ही दे रखा है. भले ही कूड़ा लोगों के घरों से हर दिन ना उठ रहा हो लेकिन एजेंसी वाले वेस्ट यूजर चार्ज वसूलने के लिए पहुंच जा रहे है. वहीं उन्हें डरा धमकाकर चार्ज भी ले जा रहे हैं. अब कचरा नहीं उठाए जाने से लोग भी परेशान है और घरों में कचरे का ढेर जमा हो गया है.

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काम छोड़कर जा रहे सुपरवाइजर

एजेंसी ने मॉनिटरिंग के लिए सुपरवाइजरों को रखा था. लेकिन पेमेंट टाइम से नहीं देने और पीएफ व अन्य सुविधाएं नहीं देने पर उन्होंने काम छोड़ दिया है. वहीं एक-एक कर स्टाफ के काम छोड़ने का सिलसिला भी जारी है. इससे समझा जा सकता है कि एजेंसी भी रांची शहर की सफाई को लेकर गंभीर नहीं है.

पार्षद गुस्सा, अधिकारी नहीं कर रहे कार्रवाई

पार्षदों का कहना है कि एजेंसी पर अधिकारी कार्रवाई नहीं कर सकते. एजेंसी को हटाने के लिए कई बार आवाज उठाई गई. फिर भी एजेंसी मजे से काम कर रही है. जबकि इसका खामियाजा पब्लिक भुगत रही है. हमलोग खुद से निगम की गाड़ियां लेकर सफाई का काम करा रहे है. पहले भी एजेंसी के चक्कर में सफाई का काम प्रभावित हुआ था. बाद में निगम को सफाई संभालनी पड़ी. सफाई के लिए एजेंसी के भरोसे रहे तो कचरा नहीं उठेगा.

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