
NewDelhi : भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा कि 27 फरवरी की सुबह एफ-16 फाइटर प्लेन से भारत पर हमले की कोशिश करने वाले पाकिस्तान की पोल खुल गयी है. हमने उनके प्लेन के मार गिराया और इसके सबूत भी दिखाये हैं. मैं नहीं जानता, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच क्या समझौता है. अगर समझौता यह है कि वह उसका (एफ-16 का) इस्तेमाल हमले के लिए नहीं करेंगे, तो मुझे लगता है, उन्होंने समझौते का उल्लंघन किया है. इस क्रम में धनोआ ने कहा, हमें हमारे इलाके में AMRAAM मिसाइल के टुकड़े मिले, जो हमने दिखाये थे, तो ज़ाहिर है पाकिस्तान ने इस जंग में एक एफ-16 विमान खो दिया है. यह प्रमाण है कि वे हमारे खिलाफ एफ-16 का का इस्तेमाल करते रहे हैं. वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने सोमवार को बालाकोट (एयर स्ट्राइक) को लेकर कहा कि इस हमले में कितने आतंकी मारे गये, इसकी गिनती हम नहीं करते. हमारा मकसद रहता है कि टारगेट हिट हुआ या नहीं. उन्होंने साफ कहा कि भारतीय वायुसेना इस स्थिति में नहीं है कि वह मारे गये लोगों की गिनती बता सके. सरकार इसके बारे में बतायेगी.
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ऑपरेशन अब भी जारी है
बीएस धनोआ ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर मौजूदा हालात के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा, ऑपरेशन अब भी जारी है, मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा. मरने वालों की संख्या लक्षित ठिकाने में मौजूद लोगों की संख्या पर निर्भर करती है. पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े शिविर पर 26 फरवरी को भारत द्वारा किये गये हवाई हमले के बाद पहली बार पत्रकारों से बात करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि राफेल लड़ाकू विमान को सितंबर तक भारत के शस्त्र भंडार में आ जाना चाहिए. धनोआ ने कहा कि जब शत्रु हमला करता है तो जवाब देने के लिए हर मौजूद विमान का इस्तेमाल किया जाता है. साथ ही कहा कि पाकिस्तानी विमान का मुकाबला करने के लिए इस्तेमाल किया गया मिग-21 विमान आधुनिक हथियार प्रणाली से लैस एक उन्नत विमान था.
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