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रांची जिला प्रशासन टेंडर घोटाला : टेंडर में शामिल होने के लिए नॉन रिफंडेबल फीस भी रिश्वत लेकर लौटा दे रहा NREP, राजस्व को लाखों का घाटा (5)

Akshay Kumar Jha

Ranchi: न्यूज विंग सिलसिलेवार तरीके से रांची जिला प्रशासन में होने वाले टेंडर घोटाले के बारे में बता रहा है. मामला एनआरईपी का हो या जिला परिषद का, हर जगह मनमाने तरीके से इंजीनिरिंग सेक्शन टेंडर के काम को निबटा रहा है. जिले के आला अधिकारी सबकुछ जानते हुए, यह कहकर मुकर रहे हैं कि ये उनके कार्यक्षेत्र से बाहर की बात है. उनका कहना है कि ये इंजीनियरिंग सेक्शन की बात है. और इधर अपने पसंदीदा ठेकेदार को टेंडर देने के अलावा विभाग लाखों रुपये का सरकारी राजस्व का चूना लगा रहा है.

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इसी ड्राफ्ट को रिश्वत लेकर वापस कर दिया गया

टेंडर में शामिल होने के लिए बीओक्यू (Bill Of Quantitie या फिर परिमाण विपत्र) खरीदना पड़ता है. जिसकी एक राशि विभाग के तरफ से तय की जाती है. टेंडर आपको मिले ना मिले यह राशि नॉन रिफंडेबल (Non Refundable) होती है. यह राशि बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से ली जाती है. लेकिन आलम यह है कि रिश्वत लेकर यह ड्राफ्ट भी वापस कर दिया जा रहा है.

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एनआरईपी में रिश्वत लेकर वापस कर दिया नॉन रिफंडेबल ड्राफ्ट

एनआरइपी की तरफ से स्थानीय अखबारों में एक विज्ञापन निकाला गया. रांची के बुढ़मू के सात स्कूलों में सिविल का काम था. कहा गया कि बीओक्यू 24 दिसंबर को मिलेगा और टेंडर डालने की तारीख 27 दिसंबर होगी. बीओक्यू की फीस जो नॉन रिफंडेबल थी वो 5000 रुपये तय की गई. टेंडर खोलने की तारीख 30 दिसंबर तय की गई. लेकिन टेंडर उस दिन नहीं खुला. करीब 20 दिनों के बाद टेंडर खोला गया. काम अवार्ड भी कर दिया गया. इधर अब एनआरईपी के इंजीनियर और कर्मी बीओक्यू के ड्राफ्ट को रिश्वत लेकर वापस करने का काम कर रहे हैं.

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न्यूज विंग के हाथ भी एक ऐसा ड्राफ्ट लगा है, जो टेंडर के साथ जमा किया गया था. लेकिन अब वो वापस ठेकेदार के पास आ गया है. ऐसे में साबित होता है कि जो राशि सरकार क राजस्व में जानी चाहिए थी, उसे मिलिभगत कर बंदरबांट किया जा रहा है. न्यूज विंग ने एक टेंडर में ऐसा होता पाया है. लेकिन जानकारों का कहना है कि ऐसा रांची जिला प्रशासन के हर टेंडर में होता है.

जारी…

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