
Ranchi: पतरातू थर्मल पावर प्लांट से बिजली उत्पादन में अभी और वक्त लगेगा. एनटीपीसी और जेबीवीएनएल के ज्वाइंट वेंचर से पावर प्लांट का निमार्ण किया जा रहा है. हालांकि पावर प्लांट का कार्य लगभग अंतिम पड़ाव में है. इसके बाद भी जुलाई से शुरू होने वाला बिजली उत्पादन को फिलहाल टाल दिया जा रहा है.
जेबीवीएनएल सूत्रों की मानें तो पतरातू पावर प्लांट के लिये केंद्र सरकार ने बनहर्दी कोल ब्लॉक आवंटित किया है. इस कोल ब्लॉक से पतरातू में बिजली उत्पादन किया जायेगा. लेकिन ब्लॉक में ड्रिलिंग कार्य पूरा नहीं हुआ है. वहीं, कोल ब्लॉक में वन भूमि का मामला भी अब तक क्लियर नहीं हुआ है. फॉरेस्ट क्लिरेंस मिलने के बाद ही ब्लॉक में ड्रिलिंग कार्य किया जायेगा. ऐसे में पतरातू थर्मल से बिजली उत्पादन में फिलहाल वक्त लगेगा.
जुलाई में होना था बिजली उत्पादन: एनटीपीसी की ओर से जुलाई में बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन अब प्रबंधन की ओर से जुलाई में बिजली उत्पादन को एक्सटेंशन दिया गया है. जानकारी हो कि पतरातू में एनटीपीसी की ओर से पावर प्लांट का निमार्ण किया जा रहा है. जिसकी कुल क्षमता 4000 मेगावाट है. अलग-अलग चरणों में प्लांट निमार्ण कार्य पूरा किया जा रहा है. इसके पहले मार्च 2024 में पावर प्लांट से बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन इसके बाद जुलाई 2024 में बिजली उत्पादन की बात कही गयी थी. लेकिन जुलाई में भी इस प्लांट से बिजली उत्पादन की संभावना कम है.
पीएमओ कर रहा मॉनिटरिंग: पतरातू थर्मल पावर प्लांट की मॉनिटरिंग पीएमओ की ओर से की जा रही है. पिछले दो सालों में समय-समय पर पीएम की ओर से प्रोजेक्ट की समीक्षा भी की गयी. पीएमओ 2024 में ही पतरातू पावर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू कराना चाहता है. अब संभावना जतायी जा रही है कि नवंबर तक पावर प्लांट शुरू किया जायें. पतरातू में पावर प्लांट के लिए हुए करार के अनुसार 85 फीसदी बिजली राज्य सरकार को मिलेगी. एनटीपीसी 74 फीसदी व जेबीवीएनएल 26 फीसदी की शेयरधारक है.




