
Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा के लिए 17 महीने पहले आवेदन मंगवाये थे. इस परीक्षा में शामिल होने के लिए लगभग दो लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किये हैं. इस परीक्षा के आवेदन शुल्क के रूप में प्रति उम्मीदवार एक हजार रुपये लिये गये. आवेदन प्रक्रिया पूरा किये डेढ़ साल होने के बाद भी जेएसएससी ने एक भी नौकरी नहीं दी और जेएसएससी, उम्मीदवारों के आवेदन शुल्क के रूप में 20 करोड़ रुपये दबाये बैठा है.
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परीक्षा के इंतजार में उम्मीदवार:
संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा का इंतजार उम्मीदवार कर रहे हैं. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा कब तक लेगी, इसकी सूचना भी नहीं दे रहा. जेएसएससी की ओर से इस परीक्षा के लिए सितंबर 2019 में ऑनलाइन आवेदन मंगाये गये थे. लगभग एक माह का समय आवेदन करने के लिए दिया गया था.
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नियोजन नीति का बनाता रहा बहाना:
अब तक इस परीक्षा के नहीं लेने के पीछे जेएसएससी नियोजन नीति का बहाना बनाता रहा. पर सरकार की ओर से नियोजन नीति को रद्द किये जाने का संकल्प जारी होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि यह परीक्षा रद्द नियोजन नीति के आड़े नहीं आता है. इसके बाद भी परीक्षा लेने को लेकर जेएसएससी सुस्त ही है.
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1260 पदों में बहाली के लिए मंगाये आवेदन:
जिस संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा के लिए सितंबर 2019 में आवेदन मंगाये गये हैं, उसे 2016 में रद्द कर दी गयी थी. सितंबर में लिया गया आवेदन 1260 पदों के लिए है. यह परीक्षा सात विभिन्न पदों में नियुक्ति के लिए होनी है. इसमें सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के लिए 362 पद, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के लिए 223 पद, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के लिए 139 पद, अंचल निरीक्षक के लिए 170 पद, सहायक प्रसार पदाधिकारी के लिए 241, प्लानिंग असिस्टेंट के लिए 05 पद और पंचायती राज पदाधिकारी के लिए 120 पद निर्धारित हैं.
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